रांची 17 मई (आरएनएस)। राजधानी रांची के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी पर गहरा आक्रोश एवं कड़ी निंदा प्रकट की गई। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द एवं जनभावनाओं के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए राज्य सरकार एवं फॉरेस्ट विभाग से मिश्रा को अविलंब रिहा करने की मांग की। बैठक की अध्यक्षता महावीर मंडल, रांची के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सदस्य हीरालाल साहू ने की, जबकि संचालन सनातन महापंचायत के ललित ओझा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन महावीर मंडल के वरिष्ठ सहयोगी आलोक कुमार दूबे ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र रिहाई नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 18 मई 2026 को राजभवन स्थित धरना स्थल पर जुटकर व्यापक आंदोलन करने की घोषणा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा वर्षों से सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं तथा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे व्यक्ति की गिरफ्तारी से आम लोगों में भारी नाराजगी है।
अपने संबोधन में श्री महावीर मंडल रांची के मुख्य सहयोगी आलोक कुमार दूबे ने कहा कि शहर में सद्भावना, अमन, शांति और भाईचारा कायम रखने में राजीव रंजन मिश्रा ने अपनी पूरी जवानी लगा दी। उन्होंने अपने परिवार के सुख-चैन तक की कुर्बानी देकर समाज सेवा का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व पर तस्करी जैसा गंभीर आरोप लगना शहर की जनता को स्वीकार नहीं है। दूबे ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर “दूध का दूध और पानी का पानी” किया जाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति ने वास्तविक तस्करी की, वह बाहर कैसे चला गया और उसकी गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई? साथ ही आशंका जताई कि कहीं यह कुछ वन अधिकारियों की साजिश तो नहीं, क्योंकि संभव है कि राजीव रंजन मिश्रा किसी बड़े रैकेट की जानकारी रखते हों। आलोक दूबे ने कहा कि समाज हमेशा शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करता है, इसलिए प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि निर्दोष लोगों को न्याय मिले।
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