रांची 20 मई (आरएनएस)। प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सोनिया दत्ता द्वारा विशेष ओरल हेल्थ विश्लेषण से पता चलता है की अक्सर लोग दांतों के डॉक्टर के पास तभी जाते हैं जब दर्द असहनीय हो जाता है, लेकिन विशेषज्ञ इसे एक बड़ी गलती मानते हैं। दांतों की अधिकांश समस्याएं, जैसे कैविटी और मसूड़ों की बीमारी, बिना किसी दर्द के शुरू होती हैं। इसी वजह से लोग इनकी सफाई और देखभाल को नजरअंदाज करते रहते हैं। यह लापरवाही मामूली समस्या को भविष्य में एक गंभीर और बड़े नुकसान में बदल देती है, जिसका पता व्यक्ति को तब चलता है जब स्थिति काफी बिगड़ चुकी होती है। इस गंभीर स्थिति से बचने के लिए आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का मेल सबसे प्रभावी साबित हो रहा है। डाबर रेड पेस्ट इन्हीं प्राकृतिक गुणों को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ता है। इसे इंडियन डेंटल एसोसिएशन द्वारा भी प्रमाणित किया गया है, जो यह साबित करता है कि यह पेस्ट दांतों की गंदगी को रोकने और बीमारियों से बचाने में पूरी तरह सक्षम है।
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