करनैलगंज (गोण्डा) 20 मई। क्षेत्र के ग्राम पंचायत हलधरमऊ में तीन साल पहले 2023 में अकस्मात निधन वाले सद्दाम हुसैन की विरासत आज भी उनके परिजनों की आँखों में जीवित है। सद्दाम की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया था और उनकी अनुपस्थिति का शोक उनके बुज़ुर्ग माता-पिता मसूक खान व उनकी पत्नी पर रोज़ उजागर होता है। उनके चेहरे पर बेटे की कमी अभी भी स्पष्ट रूप से दिखती है। सद्दाम के पीछे उनकी छोटी बेटी इश्रम एकमात्र आश्रय बनी हुई है, परन्तु परिवार का दावा है कि ससुराल वालों ने दादा-दादी को अपनी पोती से मिलने की अनुमति नहीं दी है। आरोप है कि सद्दाम की पत्नी अफरीन की दूसरी शादी कराई जा चुकी है और ससुराल ने इश्रम के साथ मिलने के लिये सुहील खान (पिता सुबराती खान) ने 17 लाख रुपये की माँग रखी है। यह आर्थिक शर्त परिवार और गांव में भारी नाराजग़ी का कारण बनी हुई है। परिवार ने बताया कि सद्दाम हमेशा मददगार और मित्रवत थे, कभी किसी को तकलीफ़ नहीं दी। मसूक खान ने कहा, “हमारी एक ही तमन्ना है—अपनी पोती को गले लगाना और उससे सांत्वना पाना।” स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ऐसे नाजुक और मानवीय मामले में आर्थिक माँग करना निहायत निन्दनीय है। गांववासियों ने मामले को शीघ्र और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की है और दादा-दादी के अधिकार व नाबालिग की भलाई को सर्वोपरि रखने पर ज़ोर दिया है।
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