नई दिल्ली 28 मई (आरएनएस)। सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया पर छात्रों की ओर से खड़े किए जा रहे सवालों के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को जहां यह कहा कि जो अव्यवस्था हुई उसके लिए वह सरकार की ओर से जिम्मेदारी लेते हैं। वहीं राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए उन्हें हताश व तकनीकी विकास के खिलाफ बताया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वह चाहे तो मुझ पर कितना भी हमला कर लें, लेकिन इससे अपने गुनाहों से वह बच नहीं पाएंगे। वहीं ओएसएम करने वाली कंपनी से साथ संबंधों पर फिर सवाल किए।
इससे पहले राहुल गांधी के आरोपों पर सीबीएसई ने जवाब देते हुए उनके आरोपों को गलत और तथ्यहीन बताया था। साथ ही बताया था कि ओएसएम (आन स्क्रीन मार्किंग) प्रक्रिया के लिए कंपनी का चयन तय नियम व वित्तीय प्रक्रियाओं के तहत हुआ था। हालांकि राहुल गांधी ने सीबीएसई इस जवाब को खारिज करते हुए कहा था कि जो उन्होंने पूछा था, उसका जवाब नहीं दिया गया।
गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि सीबीएसई ने इस मामले पर स्थिति साफ कर दी है। मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि यदि इस मामले में कोई गड़बड़ी पायी गई तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह लगातार चुनावी हार की वजह से हताश लग रहे है। यही वजह है कि वह सुधार या तकनीक विकास से जुड़े विषय पर विवाद खड़ा कर रहे है। उन्होंने एसआइआर और ईवीएम का भी विरोध किया था। छात्रों व परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति उन्हें नहीं करनी चाहिए। वैसे भी यह राजनीति करने का समय नहीं है।
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि सीबीएसई के 12वीं कक्षा के आए परिणाम में भारी गड़बडिय़ां हुई है। इस गड़बड़ी के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक न्यायिक जांच व एसआइटी गठित की जानी चाहिए। यह भी आरोप लगाया है कि तेलंगाना की एक संदिग्ध फर्म को सीबीएसई ने बगैर जांच परखे यह काम दिया।
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