दुर्ग 1 मई (आरएनएस) आईपीएल फाइनल के रोमांच को कमाई का जरिया बनाने वाले दो ऑनलाइन सट्टेबाजों पर दुर्ग पुलिस ने शिकंजा कस दिया। फेयर प्ले नाम की आईडी के जरिए करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को छावनी पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से सट्टा संचालन में इस्तेमाल किए जा रहे चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं और दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
थाना छावनी पुलिस को 31 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कैंप-2 भिलाई के कसाई मोहल्ला स्थित नहर किनारे कुछ युवक आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच खेले जा रहे फाइनल मुकाबले पर ऑनलाइन दांव लगवा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की और दो संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान आतीश गौर (30 वर्ष), निवासी सर्कुलर मार्केट श्रीराम डेयरी के पास, कैंप-2 भिलाई तथा नियाज अहमद (40 वर्ष), निवासी प्रकाश आटा चक्की के पास, कैंप-2 भिलाई के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से नथिंग, वीवो, मोटोरोला और लावा कंपनी के कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 32 हजार रुपये बताई गई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे “फेयर प्ले” नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की आईडी के जरिए सट्टा खेलते और खिलाते थे। सट्टे का पूरा हिसाब व्हाट्सएप पर रखा जाता था और मुनाफे की रकम आपस में बांट ली जाती थी। पुलिस से बचने के लिए लेन-देन का रिकॉर्ड समय-समय पर मोबाइल से डिलीट कर दिया जाता था।
थाना छावनी में अपराध क्रमांक 365/26 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं 12 तथा बीएनएस के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
बहरहाल, आईपीएल का रोमांच जहां करोड़ों दर्शकों को जोड़ता है, वहीं ऑनलाइन सट्टेबाजी का यह काला कारोबार युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है। दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे नेटवर्क चलाने वालों के लिए साफ चेतावनी है कि डिजिटल पर्दे के पीछे छिपा अपराध अब ज्यादा दिन छिप नहीं सकता।

