वाशिंगटन/तेहरान,10 जून। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरान ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमला किया था, जिसका जवाब देते हुए अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ठिकानों को निशाने पर लिया। अमेरिकी सेना ने ईरान के वायु रक्षा, जमीनी नियंत्रण केंद्र और सर्विलांस रडार साइट्स पर हमले किए हैं। इसके बाद ईरान भी नहीं रुका और उसने बुधवार को अमेरिका के पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमला करके जवाब दिया।
अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बुधवार को बयान जारी कर बताया कि मंगलवार को अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में, कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर सेना ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले किए। सेंटकॉम ने कहा, वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमान से सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों का इस्तेमाल करके होर्मुज के पास ईरान के वायु रक्षा, जमीनी नियंत्रण केंद्र और सर्विलांस रडार साइट्स हमले किए। सेना सतर्क है और ईरानी अनुचित आक्रामकता से बचाव को तैयार है।
ईरान के जास्क और बंदर अब्बास में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। साथ ही, एक बार फिर केशम द्वीप पर भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इससे पहले दक्षिणी ईरान के अन्य स्थानों सिरिक में विस्फोटों की आवाजें सुनी गई थीं। यहां के बेमानी जिले में 2 पानी के टैंक भी क्षतिग्रस्त हो गए। अमेरिकी सेना ने ईरान में 3 दौर के हमले किए हैं। आईआरजीसी ने जास्क, सिरिक और केशम द्वीप में हमलों की पुष्टि की है।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने तेहरान के दृढ़ संकल्पको परखने का विकल्प चुना है और ईरानी सशस्त्र बल किसी भी हमले या खतरे का जवाब दिए बिना नहीं रहेंगे। उन्होंने आगे कहा, अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारा इलाका छोड़ दें। इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमला करके जवाब दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के तट पर अमेरिका ने नाकाबंदी के तहत अपाचे हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं, जिसमें से एक को ईरानी सेना ने मंगलवार को गिरा दिया। इसमें सवार 2 पायलट किसी तरह बच गए। बाद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना की पुष्टि की और जवाबी हमले की बात कही। ईरान ने यह हमला तब किया, जब अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया था।
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