मुंबई ,12 जून ,। देश के वित्तीय बाजार को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (क्रक्चढ्ढ) ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। नियमों की अनदेखी और गड़बड़ी करने वाली 135 नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (हृक्चस्नष्ट) के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आरबीआई ने रद्द कर दिए हैं। इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल से लेकर मुंबई तक की कई कंपनियां शामिल हैं। आरबीआई की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब आम लोगों के मन में अपने पैसों और लोन को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
क्या होती हैं एनबीएफसी और कैसे करती हैं काम
नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां भी आम बैंकों की तरह ही लोगों को लोन देने, निवेश करने और शेयर या बॉन्ड खरीदने जैसी वित्तीय सुविधाएं प्रदान करती हैं। हालांकि, इन कंपनियों के पास पूरी तरह से बैंकिंग का लाइसेंस नहीं होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि ये आम बैंकों की तरह ग्राहकों से सेविंग या करंट अकाउंट के जरिए डिमांड डिपॉजिट नहीं ले सकती हैं। इसके अलावा, ये फाइनेंस कंपनियां न तो खुद के चेक जारी कर सकती हैं और न ही इनके पास अपना कोई पेमेंट सेटलमेंट सिस्टम होता है।
चल रहे पुराने लोन पर क्या पड़ेगा असर
रिजर्व बैंक की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचाना है। नियमों का पालन न करने वाली इन कंपनियों को हटाकर वित्तीय बाजार को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाया गया है। सबसे अहम बात यह है कि जिन ग्राहकों का इन 135 कंपनियों में से किसी के पास लोन चल रहा है, उनका लोन पहले की तरह ही चलता रहेगा। नियम के अनुसार ग्राहकों को अपना लिया हुआ कर्ज चुकाना होगा। हालांकि, कार्रवाई के बाद अब ये बैन हुई कंपनियां मार्केट में कोई नया लोन नहीं बांट सकेंगी।
निवेश करने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल
अगर आप भविष्य में किसी एनबीएफसी में एफडी या दूसरी किसी स्कीम में पैसा निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि उस कंपनी के पास आरबीआई का वैलिड सर्टिफिकेट है या नहीं। निवेश से पहले हमेशा क्रिसिल या इकरा जैसी प्रतिष्ठित एजेंसियों द्वारा दी गई क्रेडिट रेटिंग जरूर जांच लें और ‘्र्र्रÓ या ‘्र्रÓ रेटिंग वाली कंपनियों पर ही भरोसा जताएं। एक बात हमेशा याद रखें कि बैंकों में जहां आपका पांच लाख रुपये तक का जमा पैसा डीआईसीजीसी (ष्ठढ्ढष्टत्रष्ट) के नियमों के तहत पूरी तरह सुरक्षित रहता है, वहीं इन एनबीएफसी में जमा पैसों पर ऐसी कोई गारंटी नहीं दी जाती है।
ऐसे चेक करें फाइनेंस कंपनी की असलियत
कोई भी फाइनेंस कंपनी आरबीआई से मान्यता प्राप्त है या नहीं, इसका पता घर बैठे आसानी से लगाया जा सकता है। इसके लिए आपको सबसे पहले रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट (222.ह्म्ड्ढद्ब.शह्म्द्द.द्बठ्ठ) पर जाना होगा। वेबसाइट के मेन्यू बार में जाकर साइटमैप पर क्लिक करें और फिर होमपेज पर मौजूद फाइनेंशियल सेक्टर के विकल्प को चुनें। साइटमैप के अंदर आपको एनबीएफसी का एक लिंक दिखाई देगा, जिस पर क्लिक करते ही एक अपडेटेड एक्सेल फाइल डाउनलोड हो जाएगी। इस लिस्ट में आप अपनी कंपनी का नाम सर्च करके उसका रजिस्ट्रेशन नंबर और ऑफिस का पूरा पता जान सकते हैं। अगर किसी कंपनी का नाम इस वैध लिस्ट में नहीं है, तो उसका नाम कैंसिल सर्टिफिकेट वाली सूची में होगा।
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