रायगढ़ 14 जून (आरएनएस) मोबाइल से चल रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के काले कारोबार पर रायगढ़ पुलिस ने एक और बड़ा प्रहार किया है। महीनों से फरार चल रहा सट्टा गिरोह का सक्रिय सदस्य आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। उसके कब्जे से सट्टा संचालन में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद हुआ है, जबकि गिरोह का एक अन्य आरोपी अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत चौकी खरसिया पुलिस ने सुभेष अग्रवाल (39 वर्ष), पिता स्व. गजानंद अग्रवाल, निवासी रायगढ़ चौक, खरसिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आईपीएल समेत अन्य क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन सट्टा खिलाने, लाखों रुपये के लेन-देन और हिसाब-किताब संभालने का काम करता था। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर मोटारोला G60 Pro मोबाइल जब्त किया गया, जिसका इस्तेमाल सट्टा नेटवर्क संचालित करने में किया जा रहा था।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा 29 अप्रैल 2025 को हुआ था, जब साइबर थाना और चौकी खरसिया की संयुक्त टीम ने नवीन स्कूल के पास कार्रवाई कर अंकित अग्रवाल को Samsung Galaxy S22 मोबाइल और 21 हजार रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया था। मोबाइल की जांच में ALLPANELEXCH और ALLPANELEXCH 9-CO व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित होने के डिजिटल साक्ष्य मिले थे। पूछताछ में अंकित ने कबूल किया था कि वह अमित अग्रवाल और सुभेष अग्रवाल के साथ मिलकर संगठित रूप से ऑनलाइन सट्टा गिरोह चला रहा था।
चौकी खरसिया में अपराध क्रमांक 203/2025 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 एवं 7 में मामला दर्ज किया गया था। अंकित पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अब सुभेष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर गिरोह के तीसरे सदस्य अमित अग्रवाल, निवासी स्टेशन रोड, खरसिया पर है, जो अभी भी फरार है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन सट्टे के हर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का अभियान जारी रहेगा। बहरहाल, रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि डिजिटल सट्टेबाजों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

