०कुपोषण और लर्निंग गैप पर प्रशासन का बड़ा प्रहार
०1200 से अधिक कर्मचारियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
०शिक्षों की आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी सीधी भागीदारी
सुकमा,14 जून (आरएनएस)। जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को नई दिशा देने के लिए एक अभिनव और संवेदनशील पहल करते हुए सशक्त आंगनबाड़ी अभियान की शुरुआत की है। नीति आयोग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का समापन शनिवार को शबरी ऑडिटोरियम में हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में 1200 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने स्वयं इस अभियान की कमान संभालकर यह संदेश दिया कि जिले के नौनिहालों का उज्ज्वल भविष्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु तैयार किए गए 11 विशेष मॉड्यूल की जानकारी दी गई। जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल के तहत अब स्कूलों के शिक्षक नियमित रूप से सप्ताह में 1 घंटा आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों के साथ समय बिताएंगे और खेल-खेल में उन्हें प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ेंगे। यह प्रयास बच्चों में सीखने की क्षमता विकसित करने, लर्निंग गैप को कम करने तथा उन्हें भविष्य की स्कूली शिक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच स्थापित यह समन्वय ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सशक्त आंगनबाड़ी अभियान के तहत पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जायेगा और उन्हें सर्वसुविधायुक्त भवनों में बदला जायेगा। इसके अंतर्गत अवश्यक्तानुसार नवीन आंगनबाड़ी केंद्र भी स्वीकृत किये जायेंगे और नवीन भवन बनाये जायेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए इसे नक्सल समाप्ति के पश्चात् सामाजिक परिवर्तन का एक माध्यम बताया। महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी ने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे और उनके बेहतर भविष्य के निर्माण का सशक्त प्रयास है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी विभाग बच्चों तक पोषण, देखभाल और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाता है। सरकार बच्चों और माताओं के कल्याण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आप सभी के सामूहिक प्रयासों से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के निर्माण का सपना साकार होगा। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम ने बच्चों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए कार्यकर्ताओं और शिक्षकों से हर बच्चे को अपने परिवार के सदस्य की तरह स्नेह और मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। कार्यक्रम ने प्रशासन और समाज के बीच साझी जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास की मजबूत नींव आंगनबाड़ी केंद्रों से ही तैयार होती है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मातृशक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण साबित होगा। जिला प्रशासन की यह अनूठी पहल शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था से मैदानी अमले का उत्साह भी बढ़ाया गया है। कुपोषण मुक्त और शिक्षित सुकमा के लक्ष्य को लेकर शुरू किया गया यह अभियान आने वाले समय में जिले के हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला साबित होगा। प्रशासन की दूरदर्शिता, जनप्रतिनिधियों का सहयोग और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता मिलकर सुकमा को बाल विकास और मानव संसाधन सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष दोरनापाल राधा नायक, जनपद अध्यक्ष कोंटा कुसुमलता कोवासी, जिला शिक्षाधिकारी जीआर मंडावी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग शिवदास नेताम, रितिश टंडन, जिला बाल संरक्षण अधिकारी जितेंद्र बघेल, नीति आयोग से सौरभ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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