उत्तर बस्तर कांकेर/ 18 जून (आरएनएस) अंतागढ़। सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और युवाओं को जागरूक बनाने के लिए अंतागढ़ पुलिस ने ऐसा अभियान चलाया, जिसने पुलिस और जनता के बीच भरोसे की नई मिसाल कायम कर दी। दो दिवसीय विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में 200 से अधिक लोगों को लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए, जबकि विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीणों को साइबर ठगी, वित्तीय अपराधों और यातायात नियमों की व्यवहारिक जानकारी देकर जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष कुमार बंछोर तथा एसडीओपी शुभम तिवारी के मार्गदर्शन में थाना अंतागढ़ पुलिस ने सामुदायिक भवन में जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किया। यातायात पुलिस कांकेर और परिवहन विभाग के सहयोग से लगाए गए दो दिवसीय ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में अंतागढ़ के साथ-साथ पखांजूर, आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा और आसपास के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। शिविर में 200 से अधिक आवेदकों के लर्निंग लाइसेंस बनाकर उन्हें प्रमाण पत्र सौंपे गए तथा सुरक्षित वाहन संचालन और सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर 16 जून को आयोजित विशेष कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित की गई और प्रोजेक्टर के माध्यम से साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय अपराधों से बचाव तथा यातायात नियमों पर आसान और रोचक तरीके से जागरूक किया गया। प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुलिस विभाग ने सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु उप निरीक्षक लता सिंह और प्रशिक्षु उप निरीक्षक नकुल पैकरा ने युवाओं को पुलिस सेवा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर करियर मार्गदर्शन दिया। समापन पर सभी प्रतिभागियों ने यातायात नियमों का पालन करने, सुरक्षित वाहन चलाने और साइबर अपराधों के प्रति हमेशा सतर्क रहने की शपथ ली।
बहरहाल, अंतागढ़ पुलिस की यह पहल सिर्फ लाइसेंस वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करने और पुलिस-जनता के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुई।




