बस्तर, 18 जून (आरएनएस)। मानसून की दस्तक के साथ ही बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और कोटमसर गुफा को पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से 1 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है। लगातार बारिश, उफनते नालों और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन के अनुसार, बारिश के मौसम में जंगल क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम काफी बढ़ जाता है। लगातार वर्षा के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, कई नाले उफान पर आ जाते हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उद्यान को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बंद अवधि के दौरान उद्यान के अधिकांश हिस्सों में पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और नियमित पर्यटन गतिविधियों का संचालन नहीं किया जाएगा। हालांकि, पर्यटक तीरथगढ़ जलप्रपात का भ्रमण कर सकेंगे, जबकि कोटमसर गुफा बंद रहेगी। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने का प्रयास न करें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बता दें कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बस्तर की पहचान माने जाने वाले प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जैव विविधता, गुफाएं, झरने और घने जंगल हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन बरसात के मौसम में कई स्थानों तक पहुंचना जोखिमपूर्ण हो जाता है, इसलिए हर वर्ष एहतियातन उद्यान को कुछ महीनों के लिए बंद रखा जाता है।
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