पटना/जोरहाट,18 जून(आरएनएस)। असम के जोरहाट में पिछले दिनों हुए भारतीय वायुसेना के एक विमान क्रैश हादसे में शहीद हुए पांच जवानों में बिहार के जांबाज फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भी शामिल थे। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शुभम के जाने से जहां पूरा परिवार गहरे सदमे में है, वहीं अब उनके पीछे उपजे एक गंभीर पारिवारिक और कानूनी विवाद ने तूल पकड़ लिया है।
शहीद शुभम के सम्मान और सहायता के रूप में बिहार सरकार की तरफ से ?21 लाख की अनुग्रह राशि (चेक) दी गई थी, जिसे प्रशासनिक नियमों के तहत उनकी कानूनी पत्नी बताई जा रही श्रेया राय को सौंप दिया गया। लेकिन, श्रेया द्वारा पति के श्राद्धकर्म (तेरहवीं) की रस्में पूरी होने से पहले ही चेक लेकर अपने मायके चले जाने के फैसले ने परिवार को गहरा भावनात्मक आघात पहुंचाया है। इस विकट स्थिति में पीडि़त परिवार ने अब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मदद की गुहार लगाई है।
चुपके से की थी कोर्ट मैरिज, परिवार था अनजान
इस पूरे मामले के पीछे एक जटिल कहानी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार और श्रेया राय की सामाजिक रीति-रिवाज से शादी अगले साल तय होनी थी। हालांकि, इससे पहले ही दोनों ने अपनी मर्जी से गुपचुप तरीके से कोर्ट मैरिज (कानूनी विवाह) कर ली थी।
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