रायपुर, 22 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे लोगों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने प्रदेश में आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ने दंतेवाड़ा जिले के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया है, जिसके बाद प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी और महासमुंद सहित कई जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। सरगुजा संभाग में भी लोगों को मानसून की पहली फुहार का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है।राजधानी रायपुर में रविवार को हुई हल्की बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। बादलों की आवाजाही और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
इस वर्ष जून माह में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। बीते 21 दिनों में प्रदेश में केवल 32.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि किसी भी जिले में सामान्य वर्षा का आंकड़ा पूरा नहीं हो सका। मानसून की धीमी रफ्तार से किसान चिंतित थे, लेकिन अब इसके सक्रिय होने से खेती-किसानी को नई उम्मीद मिली है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद खरीफ फसलों की बुआई का कार्य तेजी पकड़ेगा। जुलाई और अगस्त में प्रदेश में बारिश का मुख्य दौर शुरू होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है। विभाग के अनुसार, मानसून की शुरुआती बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी रहती है। किसानों को खुले खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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