० फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसान समृद्धि के मॉडल के रूप में उभर रहा है राजनांदगांव : मुख्यमंत्री साय
रायपुर, 22 जून (आरएनएस)। किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसान समृद्धि के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग निर्माण और घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले में किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित किया गया है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा दी जा रही है। सरकार किसानों को खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने सुशासन की दिशा में सीएम हेल्पलाइन 1076, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं और मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लोगों को बिजली बिल से राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के लिए किसानों एवं ग्रामीणों में जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप राजनांदगांव में किसानों ने फसल विविधीकरण को अपनाया है।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन एवं एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया तथा किसानों को मिनी किट वितरित किए गए।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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