गरियाबंद, 22 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक खबर आई है। यहां लगे कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है। विभाग का मानना है कि यह बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए उदंती-सीतानदी के वनों में पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी ठिकाना बना रही है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व को वर्ष 2009 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला था, लेकिन पिछले एक दशक से यहां बाघों की स्थायी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। रिजर्व में अंतिम बार बाघ की पुष्टि 2019-20 में हुई थी, लेकिन वह भी आवागमन तक सीमित रही। ऐसे में कैमरा ट्रैप में स्वस्थ और आत्मविश्वास से विचरण करती इस बाघिन की तस्वीरें पूरे परिदृश्य के पुनर्जीवन का संकेत हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघिन का क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में होना दर्शाता है कि वह यहां प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल देख रही है।
त्रिपाठी
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