० एनएमडीसी की निविदा प्रक्रिया पर तुलिका का हमला, सांसद-विधायक पर भी लगाए गंभीर आरोप
० स्थानीय ठेकेदारों की अनदेखी कर बाहरी लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप
दंतेवाड़ा, 22 जून (आरएनएस)। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं जिला पंचायत सदस्य तुलिका कर्मा ने आज पत्रवार्ता लेकर एनएमडीसी द्वारा किरंदुल-बचेली क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में सीएसआर मद से कराए जा रहे विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे पारदर्शिता और नियमों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के स्थानीय एवं पंजीकृत ठेकेदारों की अनदेखी कर बाहरी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे शासन की मंशा और विकास कार्यों की गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
तुलिका कर्मा ने कहा कि एनएमडीसी द्वारा सीएसआर के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले कार्यों की निविदा प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के कार्यों को सीमित निविदा के माध्यम से केवल कुछ ठेकेदारों तक सीमित कर दिया गया है, जबकि एनएमडीसी के नियमों के अनुसार निर्धारित 2 लाख की राशि से अधिक के कार्यों के लिए खुली ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय पंजीकृत एवं अनुभवी ठेकेदारों को जानकारी तक नहीं दी गई, जिससे प्रतिस्पर्धा समाप्त हो गई और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। निविदा राशि टेंडर वेबसाइट में नहीं दर्शाया गया और निविदा इस तरह से लॉक की गई थी कि वह खुल ही नहीं रही थी साथ ही कुछ दिनों तक तो टेंडर एनएमडीसी के साइट पर प्रकाशित भी नहीं किया गया था। तुलिका कर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों को भी निविदा प्रक्रिया में शामिल किया गया है जिनका क्षेत्र में पूर्व कार्य अनुभव नहीं है और न ही वे स्थानीय स्तर पर पंजीकृत हैं।
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि यदि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करनी है तो सभी कार्यों की खुली एवं निष्पक्ष निविदा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 20 से 40 करोड़ के कार्य कराए जा रहे हैं। सार्वजनिक धन का उपयोग जनता के हित में होना चाहिए, न कि किसी विशेष समूह को लाभ पहुंचाने के लिए।
तुलिका कर्मा ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन से मांग की है कि पूरी निविदा प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और लाभान्वित पक्षों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा की जनता विकास चाहती है, लेकिन विकास के नाम पर भ्रष्टाचार और बंद कमरे में फैसले किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ठेकेदारों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और विकास कार्यों में पारदर्शिता की रक्षा की जा सके। उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर किरंदुल कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी एनएमडीसी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरेन्द्र गुप्ता, महिला शहर अध्यक्ष इंदिरा शर्मा, जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा, मनोज कौरव, सत्यभान सिंह जादौन, रविश सुराना, जीतू कश्यप उपस्थित थे।
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