जशपुर 25 जून (आरएनएस) जब पूरा जिला एक साथ सड़क सुरक्षा का संदेश देने के लिए खड़ा हो जाए, तो बदलाव की शुरुआत तय मानी जाती है। जशपुर पुलिस ने जिले के सभी 766 गांवों में एक ही दिन जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के पालन का ऐसा व्यापक अभियान चलाया, जिसने सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस अभिनव पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में संचालित इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और गांव-गांव तक यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पहुंचाना था। 24 जून को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिले के प्रत्येक गांव में पुलिस अधिकारियों ने जन चौपाल लगाकर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट, चारपहिया चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान 60 हजार से अधिक लोगों ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली।
इस अभियान की शुरुआत 18 अप्रैल 2026 को हेलमेट जागरूकता रैली से हुई थी। कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने इसमें भाग लिया। जिलेभर में आयोजित हेलमेट रैलियों में 10 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही। वहीं मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और 3 हजार से अधिक गणमान्य नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से हेलमेट पहनने की अपील कर अभियान को व्यापक समर्थन दिया।
जशपुर पुलिस ने अपनी बीट व्यवस्था को मजबूत करते हुए प्रत्येक गांव में एक पुलिस अधिकारी को सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही लगभग 5 हजार पुलिस मितान भी गांव-गांव में जागरूकता फैलाने और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अभियान की उपलब्धि पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह को प्रमाण-पत्र और मेडल प्रदान किया।
गौरतलब, सड़क सुरक्षा केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि हर परिवार की सुरक्षा से जुड़ा संकल्प है। हेलमेट और सीट बेल्ट जैसी छोटी सावधानियां अनगिनत जिंदगियों को बचाने की सबसे बड़ी गारंटी बन सकती हैं।




