पीडि़त व आरोपी के बीच आपसी समझौता पर शाम से पहले ही मिली जमानत
कोलकाता 29 जून (आरएनएस)। पोर्ट अंचल के गार्डेनरीच स्थित वार्ड 134 के तृणमूल पार्षद शम्स इकबाल उर्फ अनिल को एक व्यवसायी से 70 लाख रुपये की उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अनिल को आज आम्र्स एक्ट समेत कई धाराओं में
सुबह करीब 8 बजे गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान अनिल को कोर्ट ले जाने के दौरान तक पोर्ट अंचल से लेकर कोर्ट तक हाई वोल्टेज ड्रामा होता रहा। लेकिन उसे शाम 4 बजे से पहले जमानत मिल गई। फिरहाद हकीम के करीबी तृणमूल पार्षद शम्स इकबाल को कुछ ही घंटों में कोर्ट से जमानत मिल गई। शिकायतकर्ता द्वारा केस वापस लेने पर पार्षद को जमानत मिली। ऐसे में स्वाभाविक रूप से, सरकारी वकील के पास आपत्ति करने का कोई स्थान नहीं था। आपस में समझौता हो जाने के कारण मुकदमा वापस ले लिया गया है।
बता दे कि आज सुबह शम्स के खिलाफ आम्र्स एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, मटियाबुर्ज के कारोबारी मोहम्मद शादाब ने शिकायत में आरोप लगाया कि जून 2023 में शम्स इकबाल और उसके सहयोगियों ने उनसे करीब 70 लाख रुपये की मांग की थी। रकम नहीं देने पर कारोबार बंद कराने और परिवार के सदस्यों की हत्या की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि रुपये लेने के बाद भी उन्हें लगातार धमकाया जाता रहा। इस मामले में शम्स इकबाल उर्फ अनिल के अलावा मोहम्मद फाराज उर्फ बुन और फिरोज कुरैशी उर्फ चूड़ी फिरोज को भी आरोपित बनाया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। करोड़ों रुपए की लक्जरी कार से घुमने वाले इकबाल शम्स और उसके संरक्षक के तौर पर ख्यात पूर्व मेयर फिरहाद व एक और पार्षद अनवर खान पहले से ही बीजेएमसी के निशाने पर थें और उक्त मजदूर यूनियन ने शम्स के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
शम्स इकबाल के खिलाफ व्यवसायी मोहम्मद शादाब नाम के शख्स ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कथित तौर पर, जून 2023 से, शम्स और उसके सहयोगियों ने शिकायतकर्ता से पैसे ऐंठना शुरू कर दिया। बताया गया कि उस इलाके में बिजनेस करने के लिए उन्हें पैसे देने होंगे। आरोप है कि, उनसे कुल 70 लाख रुपये वसूले गए। पार्षद ने पैसे नहीं देने पर व्यवसायी और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने के लिए वह पैसा दे दिया। उन्होंने दावा किया कि वह डर की वजह से इतने दिनों तक पुलिस के पास नहीं जा सके। आरोप है कि इसके बाद भी पिस्तौल दिखाकर उससे और पैसे निकाल लिए गए। शम्स इकबाल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पार्षद बनने के बाद कोलकाता नगर निगम में करोड़ों रुपये की लग्जरी गाड़ी से आने पर वे भारी विवादों में घिरे थे। उन पर अवैध निर्माण से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। इतना ही नहीं, शम्स के पिता मुन्ना इकबाल पर भी गंभीर आपराधिक आरोप हैं, जिनका नाम गार्डेनरीच के चर्चित पुलिसकर्मी तापस चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था।

