दुर्ग, 29 जून (आरएनएस)। फर्जी भूमि पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आवास ऋण प्राप्त करने का प्रयास करने के मामले में थाना रानीतराई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया है। मामले का खुलासा शिकायत और दस्तावेजों की जांच के दौरान हुआ। पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा की सरपंच श्रीमती हुलेश्वरी साहू ने थाना रानीतराई में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम तेलीगुंडरा निवासी धनेश्वर कुमार निर्मलकर (40 वर्ष) ने लगभग 1800 वर्गफुट भूमि का कथित पट्टा एवं पंचायत प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, न्यू दीपक नगर, दुर्ग में आवास ऋण के लिए आवेदन किया था।
जांच के दौरान पंचायत अभिलेखों और संबंधित पक्षों के बयान लिए गए। परीक्षण में सामने आया कि संबंधित भूमि पट्टा ग्राम पंचायत द्वारा कभी जारी नहीं किया गया था। दस्तावेजों पर लगी मुहर और प्रमाणन भी वास्तविक नहीं पाए गए। वहीं वित्तीय संस्था से प्राप्त दस्तावेजों के परीक्षण में भी आवेदन के साथ प्रस्तुत कागजात संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद ऋण आवेदन स्वीकृत नहीं किया गया और निरस्त कर दिया गया।
विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना रानीतराई पुलिस ने अपराध क्रमांक 71/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की धारा 318(4), 62, 338, 336(3) और 340(2) के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया। जप्त सामग्री में फर्जी भूमि पट्टा प्रमाण पत्र, फर्जी पंचायत प्रमाण पत्र तथा ऋण आवेदन से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार कर या प्रस्तुत कर अनुचित लाभ लेने का प्रयास न करें। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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