मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, 30 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में जिला सरपंच संघ और प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। निर्माण कार्यों के भुगतान में कथित कमीशनखोरी, अनावश्यक देरी और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जिले के तीनों विकासखंडों के सरपंचों ने जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भारती चंद्राकर के तबादले की मांग तेज कर दी है। मांग पूरी नहीं होने पर सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है।
सरपंच संघ ने अपनी मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली को प्रशासनिक आतंकवाद करार दिया है।
सरपंच संघ के अनुसार, सप्ताहभर पहले भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन मुलाकात नहीं होने से नाराज होकर 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित विशेष ग्राम सभा का जिले के कई सरपंचों ने बहिष्कार कर दिया था। इसके चलते कई पंचायतों में ग्राम सभाएं सरपंचों की अनुपस्थिति में हुईं, जबकि कुछ स्थानों पर ग्राम सभा का आयोजन ही नहीं हो सका।
विवाद के बीच 29 जून को कलेक्ट्रेट परिसर में सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल और कलेक्टर के बीच बैठक हुई। इस दौरान सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के स्थानांतरण की मांग दोहराई। हालांकि कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह विषय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए वह इस पर निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं।
बैठक के बाद मोहला के सामुदायिक भवन में सरपंच संघ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के सभी सरपंच सामूहिक इस्तीफा देने पर विचार करेंगे।
इधर, जिला पंचायत की सीईओ भारती चंद्राकर से इस संबंध में पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सरपंच संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है। संघ ने राजनीतिक दलों और नेताओं से इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि सरपंच अपनी लड़ाई स्वयं लडऩे में सक्षम हैं।
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