0 पुनर्वास की मांग तेज
रायपुर, 03 जुलाई (आरएनएस)। राजधानी के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई और विस्थापन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को हुई तोडफ़ोड़ के बाद प्रभावित ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मंत्री ओपी चौधरी के शंकर नगर स्थित सरकारी बंगले के बाहर धरने पर बैठ गए और देर शाम तक अपना प्रदर्शन जारी रखा।
धरने में बेघर हुए परिवारों के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुनर्वास की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन के चलते आसपास के क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पर्याप्त पुनर्वास व्यवस्था किए उनके मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने उन्हें हटाया है तो वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों का शीघ्र पुनर्वास किया जाए और पूरी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नकटी विस्थापन का मुद्दा अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है और इसे लेकर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है।
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