कोरबा 07 जुलाई (आरएनएस)। नाबालिग किशोरी के साथ छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय एफटीएससी (पॉक्सो), कटघोरा ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह फैसला 29 जून 2026 को सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक शोधन राम देवांगन ने बताया कि थाना दर्री में वर्ष 2024 के अपराध क्रमांक 269/2024 के तहत दर्ज मामले में आरोपी पुष्पेन्द्र कुमार वर्मा (24 वर्ष), निवासी अयोध्यापुरी, जेलगांव, थाना दर्री, जिला कोरबा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार, 28 सितंबर 2024 को पीडि़ता अपने मामा और सहेली के साथ मोटरसाइकिल से कटघोरा से कोरबा लौट रही थी। शाम करीब 5.30 बजे आईबीपी गेट के पास आरोपी ने अपनी मोटरसाइकिल से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। वह ओवरटेक कर स्टंट करने लगा और गोपालपुर के पास पीडि़ता की चुनरी खींचते हुए उससे प्रेम का इजहार करने लगा। आरोपी ने जबरन उसका हाथ पकडऩे का प्रयास किया तथा उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठने के लिए दबाव बनाया। पीडि़ता के मामा और सहेली द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद आरोपी उनका पीछा करता रहा और एनटीपीसी गेट तक पहुंच गया।
पीडि़ता की शिकायत पर थाना दर्री पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान पीडि़ता, उसके मामा और सहेली ने न्यायालय में घटना की पुष्टि करते हुए बयान दिए। मामले के विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक सिमसोन मिंज ने साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक शोधन राम देवांगन ने प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध कराया। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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