0 नकटी के सामिलात चारागाह की जमीन पर काबिज थे ग्रामीण, ग्रामसभा ने आबादी जमीन घोषित किया था-कांग्रेस
0 कांग्रेस की जांच समिति ने कहा- सरकार पूरी तरह झूठ बोल रही है
0 नकटी मामले में ओपी चौधरी सामने आएं, कार्रवाई पूरी तरह से अवैध्र
रायपुर, 07 जुलाईं (आरएनएस)। राजधानी रायपुर के ग्राम नकटी में ग्रामीणों के अतिक्रमण और उनके बेदखली की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस की जांच समिति के संयोजक धनेंद्र साहू ने कहा कि ग्रामीण यहां पर सामिलात चारागाह की जमीन पर पिछले 30-40 साल से काबिज थे। नकटी में किया गया तोड़ फोड़ भाजपा सरकार की अपराधिक कार्य था।
राजीव भवन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार शंकर मेनन, जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे एवं नकटी मामले की कमेटी के सदस्यों ने पत्रकार वार्ता लेकर नकटी मामले सरकार पर क्रुरता के आरोप लगाया। श्री साहू ले बताया कि यह जमीन गांव के किसानों से ली गई जमीन थी। उन्होंने 1930 के चकबंदी का रिकार्ड जारी किया जिसमें गांव के 50-60 लोगों ने अपनी लगानी जमीन से पशुओं के चारागाह के लिए जमीन छोड़ी थी। खसरा नंबर 460, 462, 477, 524 के 24 हेक्टेयर जमीन चारागाह के रूप में दर्ज है। मेें ग्रामीणों ने अपने आवास बनाए थे इनमें पीएम आवास के लिए 25 मकान बने थे। वहीं तीन खसरा 698, 700, 701 जो तीन हेक्टेयर है एनआरडीए के नाम से दर्ज है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा ने इस जमीन को 2023 में आबादी घोषित किया था। उन्होंने कहा कि सहां पर कई प्रभावशाली लोगों का अतिक्रमण और कब्जा है उस पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। गरीबों को हटाए जाने के पीछे उन्होंने इन प्रभावशाली लोगों के जमीन की कीमतों वृद्धि करने के भी आरोप लगाए। उन्होंने साफ कहा कि मंत्री ओपी चौधरी पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
यहां पर कि गई कार्रवाई को पूरी अवैध बताते हुए धनेंद्र साहू ने कहा कि कांग्रेस मामले में पूरी तरह से लढ़ाई लड़ रही है। उन्होंने बताया कि आवास पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद ने अक्टूबर 2024 को पत्र लिखकर मामले में कलेक्टर को विधायक कालोनी के लिए 72 एकड़ जमीन को रिक्त कराने के लिए पत्र लिखा। इससे स्पष्ट होता है कि यह भूमि उसके लिए खाली कराया गया है। सरकार के मंत्री और हाउंसिंग बोर्ड के अध्यक्ष के द्वारा यह कहना कि विधायक कालोनी के लिए खाली नहीं कराई गई यह पूरी तरह से झूठ है। उन्होंने कहा कि यहां से हटाए गए ग्रामीणों को वहीं की भूमि में व्यवस्थापित किया जाए । पूरे मामले में सियासत के बीच कांग्रेस ने कहा कि पूरे रिकार्ड हमारे पास है यदि सरकार इस पर कार्रवाई नहीं करती तो हम अदालत जाएंगे। कांग्रेस इस संबंध में राज्यपाल से 10 तारीख को मुलाकात कर इस पर सरकार को निर्देशित करने की मांग करेगी उसके बाद आगे का कदम उठाया जाएगा।
अभी पूरे गांव पर खतरा
नकटी गांव में तोड़-फोड़ की कार्यवाही पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी प्रक्रिया है। इस कार्यवाही में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। सरकार कानूनी कार्यवाही नहीं करेगी तो हम इस मामले को लेकर कोर्ट भी जायेंगे। सरकार ने नकटी में खसरा न. 460 में तोड़ फोड़ किया है, अंकित आनंद के पत्र के अनुसार वहां पर खसरा नं. 460 के अलावा 465, 524, 698, 700, 701 सहित कुल 29.172 हेक्टयर अर्थात लगभग 72 एकड़ जमीन को खाली करायेंगे। इसका मतलब अभी खतरा पूरे गांव पर है।
सरकार के कहने पर हुई कार्रवाई
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मंत्री केदार कश्यप पत्रकारवार्ता लेकर कहते है कि वहां पर विधायकों के लिये मकान बनाने का कोई योजना नहीं है। अक्टूबर 2024 में आवास एवं पर्यावरण सचिव कलेक्टर को पत्र लिखकर षष्ठम विधानसभा के जनप्रतिनिधियों को आवास उपलब्ध करवाने हेतु नकटी में अतिक्रमण भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये कहा था। इस पत्र में आयुक्त छ.ग. गृह निर्माण मंडल के पत्र क्र. 58 दिनांक 25.09.2024 का हवाला भी दिया है। यह पत्र बताता है कि भाजपा नेताओ कि हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन है, उन्होंने अपनी सरकार की गलती छुपाने झूठ बोला है। विधानसभा में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा जब भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह के सवाल का जवाब दे रहे थे, उस समय उनको बताते हुये आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि नकटी गांव में विधायकों के लिये आवास हेतु जगह चिन्हांकित है। भाजपा नेता लगातार झूठ बोल रहे कि कांग्रेस के शासनकाल में विधायकों को आवास देने की योजना बनी तथा नकटी को चिन्हांकित किया गया। तथ्य यह है कि कांग्रेस के शासनकाल में नकटी में विधायकों के आवास बनाने की कोई योजना नहीं बनी और न ही किसी को विस्थापन करने का कोई नोटिस दिया गया। हम केदार कश्यप को चुनौती देते है कि वे एक भी नोटिस एक भी शासकीय आदेश दिखा दें।
ओपी चौधरी ने सत्ता और पावर के मद में गरीबो का मकान, दुकान तोड़वाया
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार मेनन ने कहा कि मूल ग्रामवासी को अतिक्रमणकारी बता रही, भाजपा यह आपत्तिजनक है। बृजमोहन अग्रवाल, देवजी पटेल जैसे नेता सिर्फ मीडिया में बयान देकर घडिय़ाली आंसू बहा रहे है। गरीबो की आवाज उठाने वाले को प्रताडि़त किया जा रहा है। सैकड़ो गाय एवं अन्य पशु, इस विस्थापन के बाद कहां जायेंगे। ओ.पी. चौधरी जब-जब पावर में रहते है, सत्ता और पावर के मद में गरीबो का मकान, दुकान तोड़वाते है। रायपुर के खालसा स्कूल के पास 72 दुकाने, मरही माता मंदिर, पहाड़ी चौक में मोवा, कचना में साईंस कालेज चौपाटी में तोड़ फोड़ करवाया था।
विधायकों का घर बनाने के लिए गरीबों को बेघर कर रही-बंजारे
जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे ने कहा कि भाजपा सरकार नकटी गांव में विधायकों का घर बनाने के लिए गरीबों को घर से बेघर कर रही है। ये गरीबो परिवारों के साथ अन्याय है। ये भाजपा को आखिर रोजी मजदूरी, ठेला, खोमचा में कार्य करने वाले गरीबों से इतनी नफरत क्यों है? भाजपा सरकार बनने के पहले दिन से गरीबों का घर दुकान असुरक्षित है। पूरे प्रदेश में गरीबो को टारगेट कर उनके खिलाफ दमनकारी कार्यवाही की जा रही है। नकटी गांव में वर्षों से लोग घर बनाकर रह रहे है कई लोगो का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है। फिर सरकार उसे अवैध कब्जा कैसे बता रही है? आधी रात को पुलिस भेजकर गरीबों को डराया क्यों जा रहा है? कांग्रेस मांग करती है नकटी गांव में गरीबो का घर उजाडऩा बंद किया जाये। विधायक निवास के लिए कोई अन्य स्थल का उपयोग किया जाये।
एसएस
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