० गुड टच-बैड टचÓ, साइबर सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव, समाज में सुरक्षा और जागरूकता का लिया संकल्प
राजनांदगांव, 10 जुलाई (आरएनएस)। समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और जागरूकता की भावना को मजबूत करने की दिशा में 8वीं बटालियन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (छसबल), राजनांदगांव द्वारा सुरक्षित बचपन, सशक्त नारी, स्वस्थ मन विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेनानी श्रीमती नेहा पांडे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं, जवानों तथा उनके परिजनों को सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के पहले सत्र में उप सेनानी श्रीमती सारिका बैद्य ने बच्चों को गुड टच-बैड टच की जानकारी देते हुए सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान करना सिखाया। उन्होंने बच्चों को बताया कि किसी भी प्रकार की अनुचित हरकत होने पर चुप न रहें, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें। कहानी, चित्र और रोल-प्ले जैसी रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा करना सिखाया गया।
दूसरे सत्र में महिलाओं एवं जवानों के लिए साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण सावधानियों की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 की उपयोगिता बताते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्क और सुरक्षित रहने का संदेश दिया गया।
तीसरे सत्र में मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने उपयोगी मार्गदर्शन दिया। योग, ध्यान, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, नियमित दिनचर्या तथा परिवार और मित्रों के साथ संवाद बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई। प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण मानने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने बच्चों की सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान, साइबर अपराधों की रोकथाम तथा सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान उप सेनानी श्रीमती सारिका बैद्य, उप सेनानी श्रीमती गंगा उपाध्याय, सहायक सेनानी एच.के. टोंडर, बी.एल. भोई, बी.एल. ध्रुव, राकेश सिंह सहित बटालियन के अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
8वीं बटालियन छसबल की यह पहल केवल एक जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज को सुरक्षित, जागरूक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास के रूप में सामने आई। उपस्थित प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता और समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
००००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

