चेन्नई 15 Jully (Rns) । तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में एक दिव्यांग व्यक्ति की कथित हिरासत में हुई मौत को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को घेरते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है। डीएमके का कहना है कि विपक्ष में रहते हुए विजय हिरासत में मौत के मामलों पर मुखर रहते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि गृह विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए उन्हें इस घटना की परिस्थितियों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
यह मामला 35 वर्षीय दिव्यांग सबरी वर्मन की मौत से जुड़ा है। पुलिस ने उन्हें 9 जुलाई को कथित रूप से गुटखा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 13 जुलाई को कन्याकुमारी जिले की उप-जेल में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल के भीतर मारपीट के कारण उनकी जान गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 19 चोटों के निशान पाए गए। इसके बाद पुलिस ने जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की। जांच में सामने आया कि 12 जुलाई की रात जेल के भीतर विवाद के दौरान सबरी वर्मन के साथ कथित रूप से मारपीट की गई थी।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य वार्डन एन. सुरेश सहित तीन जेल कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
डीएमके नेताओं ने इस घटना की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के कार्यकाल के दौरान हुए हिरासत में मौत के मामलों से करते हुए कहा कि उस समय सरकार ने जिम्मेदारी स्वीकार की थी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अब मुख्यमंत्री विजय को भी उसी तरह जवाबदेही निभानी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस बीच, राज्य में इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष सरकार से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

