तेहरान/वाशिंगटन,15। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज करते हुए बुधवार को पहली बार दिन के उजाले में बमबारी की। 28 फरवरी से जारी संघर्ष के दौरान यह पहला अवसर है जब अमेरिकी सेना ने सुबह के समय हमला किया। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे शुरू हुआ अभियान लगभग 90 मिनट तक चला और साढ़े सात बजे समाप्त हुआ।
अमेरिकी सेना के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाने की ईरानी सैन्य क्षमता को कमजोर करना था। हमले में फारस की खाड़ी स्थित ग्रेटर तुनब द्वीप पर ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली, क्रूज़ प्रक्षेपास्त्र भंडारण केंद्रों तथा प्रक्षेपण स्थलों को सटीक निशाना बनाया गया।
ग्रेटर तुनब होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित एक छोटा लेकिन सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण द्वीप है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र पर नियंत्रण से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक और नौसैनिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। वर्तमान में इस द्वीप का प्रशासन ईरान के पास है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात भी इस पर अपना दावा करता है।
इससे पहले अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर 13 प्रक्षेपास्त्र दागे थे, जिनमें सात ईरानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना दी गई थी। बुधवार का हमला लगातार चार रातों तक चली गोलाबारी के कुछ घंटों बाद किया गया।
पिछले वर्ष ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने घोषणा की थी कि वह अबू मूसा, ग्रेटर तुनब और लेसर तुनब द्वीपों पर अपनी सैन्य उपस्थिति और मजबूत कर रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची बुधवार को बिना किसी पूर्व घोषणा के कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। वे कतर के पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में आयोजित शोक समारोह में भाग लेने पहुंचे हैं। पूर्व अमीर का रविवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
उल्लेखनीय है कि पूर्व अमीर के निधन वाले दिन ही ईरान ने कतर स्थित अल उदैद वायुसेना अड्डे पर हमला किया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। बताया गया कि ईरान के समन्वय के बिना जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास कर रहे दो व्यापारिक जहाजों को चेतावनी स्वरूप गोलीबारी कर रोक दिया गया।
क्षेत्र में मौजूद अधिकांश व्यापारिक और नौसैनिक जहाज फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी तथा ओमान की खाड़ी के विभिन्न लंगर स्थलों पर रुके हुए हैं।
इधर, अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी दोबारा शुरू किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पडऩे की आशंका बढ़ गई है।
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