आजमगढ़ 20 जुलाई,(आर एन एस)थाना महराजगंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0 176/2026 धारा 317(2)/318(4)/336(3)/340(2) बीएनएस एवं 66सी आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग में प्रकाश में आया कि अभियुक्तगण कूटरचित आधार कार्ड तैयार कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे तथा साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि उन खातों में मंगाकर एटीएम एवं जनसेवा केन्द्रों के माध्यम से यूपीआई द्वारा नकद निकालते थे। उक्त प्रकरण में विकास यादव सहित चार अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। थाना महराजगंज पर निरीक्षक स्तर का अधिकारी नियुक्त न होने के कारण विवेचना क्षेत्राधिकारी सगड़ी को आवंटित किए जाने की कार्यवाही प्रचलित है।
अपराध की रोकथाम एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी सगड़ी के निर्देशन तथा थानाध्यक्ष महराजगंज जयप्रकाश के नेतृत्व में थाना महराजगंज पुलिस एवं साइबर सेल आजमगढ़ की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 20.07.2026 को रात्रि 00:10 बजे बजरंग चौक, कस्बा महराजगंज से वांछित अभियुक्त विकास यादव पुत्र राकेश यादव, निवासी उसुरकुढ़वा, थाना महराजगंज, जनपद आजमगढ़, उम्र 22 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से एटीएम एवं जनसेवा केन्द्रों से नकद निकालने का कार्य करता था। अभियुक्त ने अपने कृत्य पर पश्चाताप व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने की बात कही।
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