सुकमा, 20 जुलाई (आरएनएस)। राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्यवाही एवं शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपतें हुए छात्रों ने प्रदर्शन किया । बस्तर के अंतिम छोर चार राज्यों के बार्डर क्षेत्र कोंटा में छात्रों ने मौन प्रदर्शन करते अपनी सात सूत्रीय मांग रखी है । राष्ट्रपति के नाम कोंटा डिप्टी कलेक्टर प्रभार एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए छात्रों ने कहा है कि हम छत्तीसगढ़ राज्य के जिला-सुकमा अन्तर्गत कोण्टा क्षेत्र के छात्र, युवा एवं नागरिक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भावनाओं एवं माँगों को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं ।
शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। प्रत्येक विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम, समय एवं संसाधन लगाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, ताकि अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त कर सके । किन्तु हाल वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर हृश्वश्वञ्ज-त्र सहित अन्य परिक्षाओं में पेपर लीक एवं कथित अनियमितताओ की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थीयों के भविष्य को प्रभावित किया है । इससे विद्याार्थीयों एवं अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमज़ोर हुआ है ।
हमार उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति के विरुद्ध वैमनस्य फैलाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, उत्तरदायी एवं विश्वसनीय बनाने हेतु सरकार का ध्यान आकर्षित करना है ।
यह है प्रमुख माँगें
1. देश के सभी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं को पूर्णत: निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाए ।
2. पेपर लीक, परीक्षा में धांधली एवं अन्य अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों एवं संगठित गिरोहों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
3. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु परीक्षा सुरक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीकों एवं सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था से मज़बूत किया जाए ।
4. परीक्षा संचालन में लपरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए ।
5. प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने लिए समयबद्ध एवं पारदर्शी जाँच व्यवस्था लागू की जाए ।
6. विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हेतु ऐसी नीतियाँ बनाई जाएँ, जिससे किसी भी प्रकार की परीक्षा अनियमितता का दुष्प्रभाव मेहनती विद्यार्थियों पर न पड़े ।
7. शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं जनविश्वास को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक सुधार शीघ्र लागू किए जाएँ ।
सुकमा जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम सहित कोन्टा जनपद उपाध्यक्ष माड़वी हिड़मा सहित छात्र नेता राजेश नाग युवाओं के इस प्रदर्शन में शामिल हुए और छात्र हित के लिए अपनी बात मीडिया के सामने रखते हुए चिंता जाहिर की । वही कोन्टा के नवयुवा फयाज खांन ने इस प्रदर्शन में प्रथम पंथी पर आगे आकर देश के बच्चों के साथ हो रहे अत्याचार नीट पेपर लीक छात्र की मौत पर दुख प्रकट करते हुए देश युवा हित के लिए हम आवाज नही उठाए तो कौन आवाज उठाएगा कहते अपनी बात रखी । और कहा छात्र हित के लिए लडऩे की बात कही । इस प्रदर्शन में कोंटा दर्जनों छात्र व युवा शामिल रहे ।
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