कोरबा 21 जुलाई (आरएनएस)। कोरबा पुलिस ने इमारती लकड़ी के अवैध परिवहन और अमानत में खयानत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 9 लाख मूल्य की इमारती लकड़ी और परिवहन में प्रयुक्त एक क्रेन जब्त की है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच जारी है तथा अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी ने थाना सिविल लाइन रामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास राजस्व क्षेत्र में सक्षम अनुमति के साथ वृक्षों की कटाई का कार्य चल रहा था, लेकिन निरीक्षण के दौरान सात वृक्षों से प्राप्त इमारती लकड़ी को अनधिकृत रूप से परिवहन किए जाने का मामला सामने आया। शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनी विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले तथा नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना सिविल लाइन प्रभारी एवं प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और लगातार पतासाजी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए कि लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर क्षेत्र तक ले जाया गया था। इसके बाद प्रदेश स्तर पर गठित संयुक्त जांच दल ने कार्रवाई करते हुए करीब 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख है, बरामद की, साथ ही लकड़ी की लोडिंग और परिवहन में इस्तेमाल की गई क्रेन भी जब्त कर ली गई।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पुलिस ने मामले में सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर थाना सिविल लाइन के अपराध क्रमांक 673/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 316(5) एवं 317(2) के तहत कार्रवाई की। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कोरबा पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक शिकायत और अब तक हुई बरामदगी के आधार पर पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद लकड़ी का वास्तविक स्रोत क्या है, अवैध परिवहन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक दोषी के खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी शासकीय अथवा वन संपदा की अवैध कटाई, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना या कोरबा पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सजग कोरबा – सतर्क कोरबा अभियान के तहत पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की अवैध तस्करी और प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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