० चिमलीपेंटा एवं कुंदेड़ सेक्टर में 32 कार्यकर्ताओं ने लिया प्रशिक्षण
० हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
सुकमा, 21 जुलाई (आरएनएस)। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को सेक्टर चिमलीपेंटा एवं कुंदेड़ में एक दिवसीय सेक्टर स्तरीय प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में मैदानी अमले को योजना की प्रक्रियाओं, पोर्टल संचालन तथा हितग्राहियों को लाभ दिलाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शिवदास नेताम तथा ऋतीश कुमार टंडन के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में सेक्टर पर्यवेक्षक ऋचा ठाकुर की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण में दोनों सेक्टरों से कुल 32 कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर प्रदीप मंडल द्वारा प्रतिभागियों को योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं क्रियान्वयन की बारीकियों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को योजना का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, ऑनलाइन पोर्टल संचालन, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि का अंतरण तथा फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से पात्र माताओं को मातृत्व के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाओं से जोडऩे का कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।
अधिकारियों ने मैदानी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजना की जानकारी दें तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाते हुए अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। साथ ही, योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसका समयबद्ध निराकरण करते हुए हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे के लिए सक्रियता से कार्य करने पर जोर दिया गया।
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