रायपुर,22 जुलाईं (आरएनएस)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार ‘कांकेयर ब्रांड तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यह ब्रांड कांकेर जिले की ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक उत्पादों का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
‘कांकेयर ब्रांड के तहत सरसों तेल, अरहर दाल, छिंद गुड़, शहद, रागी, कोदो, मक्का और आम का अचार सहित विभिन्न जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। दंडकारण्य क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों में तैयार होने वाले इन उत्पादों को स्वसहायता समूहों द्वारा पारंपरिक और जैविक पद्धति से तैयार किया जाता है। उत्पादों में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से परहेज किया जाता है। वहीं, एफएसएसएआई(FSSAI) पंजीकरण के चलते उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।सी-मार्ट और एफपीसी के जरिए बिक्रीवर्तमान में ‘कांकेयर उत्पादों का सी-मार्ट और कांकेश्वरी एफपीसी के माध्यम से स्थानीय बाजारों में वितरण और बिक्री की जा रही है। जिला पंचायत परिसर में स्थापित पैकेजिंग इकाई से इन उत्पादों की थोक खरीदी भी की जा सकती है। इसके अलावा Kancare.Shop के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर कर ग्राहक घर बैठे प्राकृतिक उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं। जिला पंचायत के अधिकारियों के अनुसार अब तक ‘कांकेयर ब्रांड के 92 किलोग्राम अरहर दाल, 5.5 किलोग्राम शहद, 5 किलोग्राम छिंद गुड़, 9 किलोग्राम रागी आटा और 6 किलोग्राम मक्का आटा की बिक्री हो चुकी है।’कांकेयर ब्रांड अब केवल प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की पहचान नहीं रह गया है, बल्कि यह कांकेर जिले की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की नई पहचान बनकर सामने आ रहा है।
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