पेपर लीक पर निष्पक्ष चर्चा तभी हो पाएगी, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे : खरगे
गृह मंत्री संसद में स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं पर हुई कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है, दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी
वेणुगोपाल ने की मांग- प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस हों
प्रियंका गांधी बोलीं- छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और संसद में विपक्ष को न बोलने देना अलोकतांत्रिक
नई दिल्ली, 22 जुलाई (आरएनएस)। छात्रों पर की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने मोदी सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। काले कपड़े पहने सभी सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करोÓ और ‘पेपर लीक बंद करोÓ की मांगों की तख्तियां ली हुई थी। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत इंडिया गठबंधन की कई पार्टियों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में बोलते हुए कहा कि पार्टी नियम 267 के तहत नीट परीक्षा के बारे में चर्चा करना चाहती है। इस मुद्दे पर निष्पक्ष चर्चा तभी हो पाएगी, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे। खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने नियम 267 में नोटिस दिया और चेयरमैन से चर्चा की अनुमति मांगी, लेकिन वे तैयार नहीं हुए एवं कहा कि किसी अन्य नियम में मांग रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे नियम में चर्चा का महत्व नहीं रह जाएगा। जैसे लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव होता है, वैसे ही राज्यसभा में भी नियम 267 का महत्व होता है। उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का अपमान किया गया। उन्होंने इस व्यवहार को बेहद शर्मनाक बताया। खरगे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों में विस्तृत वक्तव्य दें और स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज तथा विपक्षी नेताओं के साथ हुई इस कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही यह भी बताएं कि दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री छात्रों के साथ हुए दुव्र्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। देश की लगातार ध्वस्त होती शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर संसद में व्यापक, गंभीर एवं समयबद्ध चर्चा कराई जाए। खरगे ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल के बीच भाजपा-आरएसएस के लोग बिना बैज के काम कर रहे हैं और छात्रों तथा कांग्रेस नेताओं को डराने-धमकाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक सरकार नहीं, बल्कि एक तानाशाही सरकार है। खरगे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और छात्रों को कुचलने का प्रयास करेगी, तो देश भर में लाखों लोग खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लोग इस लड़ाई को लगातार जारी रखेंगे। वहीं कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं। छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच बिठाई जाए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि छात्र लोन लेकर पढ़ाई करते हैं और बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों के साथ सड़क पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की जा रही है और सदन में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा, यह अलोकतांत्रिक है। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया जा रहा है। छात्राओं के साथ भी अभद्रता की जा रही है। उन्होंने पुलिस के इस रवैये की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव की मांग कर रही है, ताकि अच्छे तरीके से लंबे समय तक शिक्षा व्यवस्था पर बात की जा सके।
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