बेंगलुरु ,08 नवंबर(आरएनएस)। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की जेल में ‘ङ्कढ्ढक्क कैदियोंÓ को मिलने वाली विशेष सुविधाओं का मामला अब सुर्खियों में है। जेल के अंदर मोबाइल फोन, टीवी और अन्य आरामदायक सुविधाओं के साथ कैदियों को सजा काटते हुए देखा जा रहा है। खासतौर पर, कुछ अपराधियों, जिनमें रेपिस्ट भी शामिल हैं, को ये सुविधाएँ दी जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, जेल में विशेष कक्ष बनाए गए हैं जहां कुछ कैदियों को अलग कमरे में रखा जाता है। इन कमरों में उन्हें टीवी, रेफ्रिजरेटर और मोबाइल फोन जैसी सुविधाएँ मिल रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये सुविधाएँ कैदियों के ‘शिक्षा और सुधारÓ के उद्देश्य से दी गई हैं, लेकिन जेल के अंदर ऐसे आराम की खबर ने लोगों में नाराजगी भी पैदा कर दी है।
एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने बताया कि ङ्कढ्ढक्क कैदियों के लिए अलग व्यवस्था का उद्देश्य उनकी सुरक्षा और निगरानी को सुनिश्चित करना है। कुछ मामलों में, उच्च जोखिम वाले कैदी या जेल में बाहरी संपर्क वाले कैदी को विशेष निगरानी और सुविधा दी जाती है, उन्होंने कहा।
हालांकि, मानवाधिकार और जेल सुधार संगठन इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसे अपराधियों को इस तरह की विशेष सुविधाएँ मिलना न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि सभी कैदियों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए, चाहे उनका अपराध का प्रकार या सामाजिक स्थिति कुछ भी हो।
इस मुद्दे ने सोशल मीडिया और मीडिया जगत में भी हलचल मचा दी है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह व्यवस्था अपराधियों के पुनर्वास में मदद कर रही है या यह विशेषाधिकार देना है।
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