भोपाल 11 नवंबर (आरएनएस)।मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘एक बगिया मां के नामÓ योजना निरंतर उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। इसी कड़ी में भोपाल जिले की जनजातीय बाहुल्य ग्राम पंचायत भानपुर केकडिय़ा की महिला हितग्राही कालीबाई पति भूरेलाल सिंह ने इस योजना को अपनाकर ग्रामीण महिला उद्यमिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
ड्रैगन फ्रूट की 100 पौधों वाली बगिया—आत्म निर्भरता की नई पहल
स्व – सहायता समूह की सक्रिय सदस्य कालीबाई ने योजनांतर्गत अपनी एक एकड़ भूमि में ड्रैगन फ्रूट के 100 पौधे रोपित किए हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में ड्रैगन फ्रूट की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने इस फसल को अपनाया। साथ ही उन्होंने मिश्रित खेती फूलों और अन्य फलों की खेती भी प्रारंभ की है, ताकि ड्रैगन फ्रूट की पैदावार आने तक उनकी आय बनी रहे।
कालीबाई ने पहले दो ड्रैगन फ्रूट पौधों का प्रयोगात्मक रोपण किया था, जिससे उन्हें उत्कृष्ट उत्पादन मिला। इसी अनुभव से प्रेरित होकर उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की बागवानी का सपना देखा था, जो अब शासन की योजनाओं के सहयोग से साकार हुआ।
स्थायी सिंचाई हेतु खेत-तालाब: मनरेगा ने दिया मजबूत आधार
ग्रामीण विकास विभाग और मनरेगा योजना के अंतर्गत उन्हें ?4.50 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने 120 & 120 मीटर का खेत-तालाब बनाया। यह तालाब उनकी बगिया और अन्य फसलों के लिए वर्षभर सिंचाई सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, ‘एक बगिया मां के नामÓ योजना में ?2.87 लाख की राशि पौधरोपण, फेंसिंग और अन्य कृषि कार्यों के लिए प्रदान की गई।
हरित विकास के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन को मिला ग्रामीण स्तर पर उत्कृष्ट परिणाम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हरित भारत–समृद्ध भारतÓ के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ‘हरित विकास और ग्रामीण आत्मनिर्भरताÓ की दूरदर्शी सोच के अनुरूप यह योजना प्रदेश की महिलाओं को स्थायी आजीविका दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा ‘एक बगिया मां के नामÓ योजना के तहत महिलाओं को कृषि आधारित आय वृद्धि,आजीविका विविधीकरण,जैविक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा,सिंचाई के स्थायी संसाधन निर्माण जैसे उद्देश्यों को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
अब मेरी बगिया ही मेरा भविष्य ह —कालीबाई
कालीबाई कहती हैं, पहले मैंने दो ड्रैगन फूड पौधे लगाए थे और उनसे अच्छा उत्पादन मिला। उसी से प्रेरणा लेकर आज 100 पौधों की बगिया खड़ी कर रही हूँ। खेत-तालाब ने तो मेरे खेत को वर्ष भर पानी मिलने की गारंटी दे दी है। अब मेरी बगिया ही मेरा भविष्य है। शासन ने समय पर सहयोग न दिया होता तो यह सब संभव नहीं था।
धरती आभा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भोपाल जिले की जनजातीय बाहुल्य ग्राम पंचायत भानपुर केकडिय़ा की महिलाओं को सशक्त एवं आत्म निर्भर बनाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।

