नीमच 11 नवंबर (आरएनएस)। तहसील जीरन के अंतर्गत वन विभाग के अधीन शासकीय नर्सरी में विशाल आकार के 30 से 35 वर्ष पुराने 15 से 20 मीटर ऊंचाई के हरे भरे पौधों को बिना किसी शासकीय प्रक्रिया टेंडर का पालन किये जड़ तने से कटवा कर अवैध तरीके से बेचने की स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के आधार पर संकल्प पर्यावरण मित्र संस्था के साथियों ने स्थल पर जाकर देखा तो पाया कि नर्सरी में खड़े हरे भरे गूलर इमली नीम नीलगिरी आदि के अनेक विशाल पौधों को जड़ तने सहित काटकर गायब कर दिया गया। काटे गये विशाल हरे भरे पौधों के कटे हुए नीचे के हिस्से के फोटोग्राफ एवं वीडियोग्राफी कराई गई। कुछ भारी भरकम पेड़ों के कटे हुए भाग तनो को मिट्टी डालकर छिपा रखा था जिनकी मौके पर ही मिट्टी हटाकर उनकी भी विडियो फोटोग्राफी की गई। शासकीय वन विभाग की नर्सरी से इस प्रकार अवैधानिक तरीके से पेड़ों की डालियों की छंटनी के नाम पर
भारी भरकम पौधों की जड़ तने सहित बलि चढ़ा दी गई और भारी मात्रा में इमारती और जलाऊ लकड़ी केविक्रय में नियमों के पालन किए बगैर बिना टेंडर निकाले बेची जाने की जानकारी मिली तथा यह भी पाया कि काटे गए पौधों की राशि शासकीय कोष में नियमानुसार जमा भी नहीं कराई गई। इस प्रकार गंभीर और अनियमितता की शासन के नियमानुसार जांच कर जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हेतु ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नाम कलेक्टर के प्रतिनिधि चंद्रसिंह धार्वे डिप्टी कलेक्टर जिला नीमच को सोपा गया। ज्ञापन में संस्था द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि शहर नीमच सहित आसपास के क्षेत्र में तथा वन क्षेत्रों से भी अवैधानिक पेड़ों की कटाई हो रही है जिससे पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न होता जा रहा है। संस्था द्वारा पूर्व में शहर के 20 से अधिक स्थानों से वैधानिक तरीके से बे-रोकटोक पेड़ों की कटाई के ज्ञापन समय-समय पर दिए जा चुके हैं किंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से विगत एक दो माह में भागेश्वर मंदिर परिसर, टीचर्स कॉलोनी एवं संस्था द्वारा तैयार किए गए जवाहर नगर ग्रीन बेल्ट भूमि में वर्षों से खड़े हरे पौधों को जड़ मूल से अवैधानिक तरीके से धराशाई कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाई जा चुकी है। पर्यावरण मित्रों की और से प्रस्तुत ज्ञापन मैं यह भी अनुरोध किया कि बिना अनुमति हरे भरे पेड़ों की कटाई करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाकर संस्था को अवगत कराया जावे। इस संबंध में कार्रवाई नहीं होने की दशा में संस्था को अवैधानिक तरीके से पेड़ काटने वालों के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्यवाही न्याय हेतु माननीय न्यायालय की शरण में जाना हो जावेगा। ज्ञापन प्राप्त करने के दौरान कलेक्टर के प्रतिनिधि डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे ने संस्था पदाधिकारी को आश्वस्त किया कि कलेक्टर महोदय को शीघ्र अवगत कराकर जांच कर उचित कार्रवाई करवाएंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि उचित कार्रवाई हेतु
महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,वन एवं पर्यावरण मंत्री भारत सरकार सहित प्रदेश के महामहिम राज्यपाल, वन एवं पर्यावरण मंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन भोपाल को भी भिजवाईं गई। ज्ञापन का वाचन संस्था के संरक्षक नवीन कुमार अग्रवाल द्वारा किया गया।
ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान संस्था के संरक्षक जगदीश शर्मा, अध्यक्ष किशोर बागड़ी, दुलीचंद कनेरिया, रमेश मोरे, हरीश उपाध्याय, निर्मल देव नरेला, किशोर कुमार कर्णिक,केशव मनोहर सिंह चौहान, बालकृष्ण सोलंकी, राजकुमार नरेला, सोनू सिंह चौहान, मोहनलाल टेलर, शत्रुघ्न नरेला सहित शहर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे।

