कोलकाता 13 Nov, (Rns) । डॉन बॉस्को स्कूल, कल्याणी ने भारत और फ्रांस के बीच मैत्री और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का जश्न मनाने के लिए एक विशेष कला प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने छात्रों को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सद्भाव, एकता और साझा सांस्कृतिक मूल्यों के विचारों को व्यक्त करने का एक मंच प्रदान किया। स्कूल के हरे-भरे, मूर्तिकला से सुसज्जित परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में युवा कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनकी कृतियों में कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता और वैश्विक जुड़ाव की भावना झलकती थी। कलाकृतियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे कला सीमाओं को पाट सकती है और राष्ट्रों के बीच समझ को बढ़ावा दे सकती है।
इस पहल को डॉन बॉस्को स्कूल, कल्याणी के प्रधनाचार्य फादर के.वी. मैथ्यू का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ, जो समग्र शिक्षा के प्रति अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। इस कार्यक्रम का संयोजन यूनीवर्ट फाउंडेशन की ओर से ललित कलाकार मनाज साहा ने विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप किया था। साहा ने कहा, “यह पहल कला से कहीं आगे जाती है—यह दो संस्कृतियों के बीच वैश्विक मित्रता, जागरूकता और साझा रचनात्मकता को पोषित करने के बारे में है, जो कला को एक सार्वभौमिक भाषा के रूप में महत्व देते हैं।”
शीर्ष पांच प्रतिभागियों को उनकी रचनात्मकता और प्रतिबद्धता के सम्मान में पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस पहल के माध्यम से, डॉन बॉस्को स्कूल, कल्याणी ने अंतर-सांस्कृतिक संवाद और कलात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और भारत और फ्रांस के बीच मैत्री के स्थायी बंधन को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
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