बलरामपुर, 04 अप्रैल (आरएनएस)। नगर पालिका परिषद बलरामपुर में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रणव राय के एक कथित ऑडियो क्लिप को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो में सीएमओ पर जनप्रतिनिधियों के प्रति अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं।
कथित ऑडियो में सीएमओ द्वारा जनप्रतिनिधियो को अपमानित करने, कुत्ता जैसे शब्दों का प्रयोग करने तथा मंत्री के पास शिकायत करने पर अपमानित कर वापस भेजने की बात कही जाने का दावा किया जा रहा है। साथ ही, जनप्रतिनिधियों को खुलेआम चुनौती देते हुए उनके द्वारा ट्रांसफर कराने की औकात पर सवाल उठाए जाने की भी चर्चा है।
इस मामले को लेकर नगर पालिका के पार्षदों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पार्षद अमित गुप्ता मंटू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकर्ताओं को परिवारजनों के समान मानते हैं, वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उन्हें देवतुल्य कहकर सम्मान देते हैं। ऐसे में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रति इस प्रकार की कथित टिप्पणी बेहद निंदनीय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित सीएमओ पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप हैं और उन्हें उच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त है। पार्षद ने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। भाजपा से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं—जिनमें रामविचार नेताम, अरुण साव, किरण सिंह देव, अमित शाह, नितिन नबीन सहित अन्य को टैग कर मामले में संज्ञान लेने की मांग की जा रही है।
हालांकि, वायरल ऑडियो की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस मामले में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऑडियो की सत्यता की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने कहा कि अधिकारी का इस प्रकार से व्यवहार अमान्य है ऐसे अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए।
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