० ग्राम पंचायत लेमरू के सुशासन तिहार में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का किया जा रहा त्वरित निराकरण
कोरबा, 16 मई (आरएनएस)। सुशासन तिहार’ के अंतर्गत आज कोरबा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम लेमरू में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही हम सरकार में हैं और उनकी सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता तक सीधी पहुँच की कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ यह सुशासन तिहार 10 जून तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह परिवार का मुखिया अपने परिवार के सुख-दुख जानने के साथ उनकी समस्याओं को दूर करता है, वैसे ही हमारी भी कोशिश है कि शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को परखने के साथ-साथ जनता की समस्याओं को दूर किया जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, यह मेरा सौभाग्य है कि मैं लेमरू जैसे दूरस्थ गाँव में आया हूँ। 22 वर्ष पहले यहाँ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी चैपाल लगाई थी। उन्होंने बताया कि इस शिविर में मंत्रीगण और सभी वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर एवं एसपी स्वयं जा रहे हैं। एक ही स्थान पर सभी अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से वे स्वयं भी किसी भी गाँव में अचानक पहुँचकर पेड़ के नीचे चैपाल लगा रहे हैं और जनता की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अभी तक 27 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इस राशि का उपयोग महिलाएँ अपने बेटे-बेटियों के जीवन को सँवारने में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराया जा रहा है। सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में कुल लगभग 26 लाख आवास बनने हैं, जिनमें से 10 लाख आवास बनकर तैयार हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वनांचल के लोग बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता का संग्रहण करते हैं, जो उनकी आमदनी का मुख्य जरिया है। हमारी सरकार ने प्रति मानक बोरा संग्रहण दर को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही संग्राहकों को पुन: चरणपादुका देना भी शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों से सर्वाधिक मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है और उन्हें बोनस भी दिया जा रहा है। भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रामलला दर्शन योजना के माध्यम से गरीबों को शासकीय खर्च पर तीर्थ यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल समाधान योजना प्रारंभ किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि अधिक बिल आने के कारण जो उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर पाए हैं, वे इसका लाभ उठाकर अपना सरचार्ज माफ करा सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली बिल में कटौती करने तथा केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज उनकी भेंट पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों से भी हुई है। पीएम-जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह की बसाहटों तक पक्की सड़कें, पीएम आवास, राशनकार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। अभी हाल ही में उनके बेहतर उपचार के लिए सर्वसुविधायुक्त एम्बुलेंस भी प्रदान की गई है। उन्होंने लोगों से श्धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजनाश् के माध्यम से लाभान्वित होने की बात कही।
शिविर को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘मोदी की गारंटी’ को बहुत ही अल्प समय में
०


