दुर्ग, 20 जुलाई (आरएनएस)। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का आयोजन सोमवार को पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव बताया।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बच्चों को मिली पुस्तकें, गणवेश और साइकिल
मुख्यमंत्री ने कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के चयनित विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग वितरित किए। वहीं कक्षा नवमी की पात्र छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने ज्ञान व संस्कारों से प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
दुर्ग को मिली चार बड़ी सौगातें
मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
शिक्षा विभाग के जेडी, डीईओ एवं बीईओ कार्यालयों के लिए आधुनिक कॉम्पोजिट कार्यालय भवन का निर्माण।
दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम की स्थापना।
खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण।
नीट एवं जेईई की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास की स्थापना।
9 हजार स्कूलों में शुरू होंगी स्मार्ट क्लास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का आधार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्मार्ट क्लास, समय पर पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, पालक-शिक्षक बैठक और न्योता भोज जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं। आने वाले समय में प्रदेश के 9 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है और बस्तर के जगरगुंडा सहित दूरस्थ क्षेत्रों में भी आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और एआई पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से संस्कार, कौशल और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रढ्ढ) का है, इसलिए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोडऩा आवश्यक है।
मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्राविण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. पायल रजनी, सातवें स्थान पर रहे नैतिक आमटे तथा दसवें स्थान पर रहीं कु. श्रद्धा इंदौरिया को मुख्यमंत्री ने सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं।
खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन और पौधरोपण
मुख्यमंत्री ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन कर विद्यार्थियों द्वारा तैयार विज्ञान मॉडलों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नामÓ अभियान के तहत कटहल, पुत्रंजीवा, सिंदूरी और मौलश्री के पौधे लगाए तथा स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में शामिल होकर संवाद भी किया।
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