० जिला प्रशासन ने जिन किसानों के खसरे एग्रिस्टेक पोर्टल में लिंक नहीं हो पाए हैं उसे जल्द लिंक कराने की अपील की
० स्नक्र प्रक्रिया किसान स्वयं ऑनलाइन, सीएससी केंद्र या तहसील कार्यालय के माध्यम से कर सकते हैं
जशपुरनगर, 1४ नवम्बर (आरएनएस)। राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया है। धान खरीदी के लिए भारत सरकार, कृषि मंत्रालय के एग्रिस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन (एक्सेम्प्टेड श्रेणी को छोड़कर) अनिवार्य किया गया है। एग्रिस्टेक पोर्टल में किसान को प्राप्त फार्मर आईडी के साथ उनके फार्म आईडी (खसरे) को लिंक किया जाना आवश्यक है। वर्तमान में यूनिफाइड फार्मर पोर्टल में पंजीकृत किसानों के ऐसे खसरे एग्रिस्टेक पोर्टल में कैरी फ़ॉरवर्ड तो हो गए हैं, लेकिन वे सभी खसरे फार्मर आईडी से लिंक नहीं हैं। मार्कफेड की वेबसाइट पर उपलब्ध रिपोर्ट नंबर 15 में स्पष्ट किया गया है कि किस समिति के किस किसान का कौन-सा खसरा यूनिफाइड फार्मर पोर्टल से कैरी फ़ॉरवर्ड तो हो गया है, परंतु एग्रिस्टेक पोर्टल में वह फार्म आईडी के रूप में लिंक नहीं है। ऐसे सभी छूटे हुए खसरों को एग्रिस्टेक पोर्टल में स्नक्र के माध्यम से लिंक किया जाना आवश्यक है, ताकि समिति स्तर पर धान खरीदी के लिए ये भूमि विवरण उपलब्ध हो सकें। स्नक्र प्रक्रिया किसान स्वयं भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान निकटस्थ सीएससी या तहसीलदार कार्यालय में जाकर भी लिंक कार्य करा सकते हैं। जिला प्रशासन ने अपील की है कि जिन किसानों के खसरे किसी कारणवश एग्रिस्टेक पोर्टल में लिंक नहीं हो पाए हैं, वे शीघ्र तहसील कार्यालय, सीएससी या स्वयं ऑनलाइन माध्यम से स्नक्र प्रक्रिया पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि स्नक्र प्रक्रिया हेतु अपना मोबाईल और आधार नंबर भी साथ में ले जाए। छूटे हुए खसरों का अवलोकन कर शीघ्र स्नक्र किया जाना आवश्यक है। छूटे हुए खसरों की जानकारी संबंधित पटवारी, कृषि विकास विस्तार अधिकारी और तहसील कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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