रायपुर, 14 नवंबर (आरएनएस)। रायपुर के खरोरा गांव में रक्षाबंधन के दिन मां-बेटी की रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझ गई है। मृतकों की विसरा रिपोर्ट में पता चला है कि बुजुर्ग महिला की मौत ज्यादा शराब पीने से हुई थी वहीं मां को तड़पते हुए देखकर बेटी को कार्डियक अरेस्ट आया और उसकी भी मौत हो गई थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को स्पष्ट नही हो रहा था कि दोनों की मौत कैसे हुई थी और न ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह सामने आ पाई थी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं का विसरा प्रिजर्व करवाया था। अब विसरा रिपोर्ट में मौत के कारण का पता चल गया है।
बता दें कि रायपुर से लगे खरोरा के पचरी गांव के सतनामी पारा में 9 अगस्त को मां-बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी। बिंदा बाई चतुर्वेदी (55) अपने बेटे शीतल चतुर्वेदी (34) के साथ गांव के घर में रहती थी। रक्षाबंधन (9 अगस्त) के दिन सुबह करीब 11 बजे बिंदा की बेटी उषा मनहरे (40) त्योहार मनाने अपने मायके पचरी गांव आई थी। उषा के 2 भाई 2 बहन है। शाम को उषा की बड़ी बहन का बेटा धीरज भी घर आया था। धीरज अपनी मौसी और नानी के साथ बातचीत की खाना खाया और अपने घर वापस चला गया। उस दौरान घर में मौजूद भाई शीतल नशे की हालत में सोया था। रात करीब 8 बजे शीतल सोकर उठा और तालाब जाने के लिए घर से निकला तो उसकी मां बिंदा बाई और बहन उषा आपस में बात कर रहे थे। लेकिन शीतल तालाब नहीं जाकर आधे रास्ते से ही घर वापस आ गया। वापस घर पहुंचते ही उसने देखा कि बरामदे में मां और बहन उषा अंदर कमरे में जमीन पर गिरी थी और तड़प रही थी। उसने फ ौरन पड़ोस के डॉक्टर को बुलाया। लेकिन दोनों महिलाओं की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया। फिर डॉक्टर ने एम्बुलेंस को बुलाया और पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही दोनों मां-बेटी की मौत हो चुकी थी।
लोकेश
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