पटना 15 Nov, (Rns): भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें पार्टी से बाहर निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जो संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए की जा रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, आरके सिंह को बाहर निकालने की प्रक्रिया पार्टी के नियमों के मुताबिक तीन चरणों में पूरी होगी। पहले चरण के तहत उन्हें निलंबित कर दिया गया है, जिसके बाद जल्द ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का जवाब मिलने के बाद निष्कासन की अंतिम कार्रवाई की जाएगी। यह कदम इसलिए हैरान करने वाला है, क्योंकि कुछ दिनों पहले ही ऐसी खबरें आई थीं कि नीतीश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाने के बावजूद बीजेपी, आरके सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने जा रही है। लेकिन अब पार्टी ने इस कार्रवाई से स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आरके सिंह पिछले काफी समय से अपनी ही पार्टी और एनडीए (NDA) नेतृत्व के खिलाफ लगातार हमलावर थे। उन्होंने न केवल एनडीए के ताकतवर नेताओं के खिलाफ प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए आरोपों का खुलकर समर्थन किया, बल्कि उन्हें यह भी लगता था कि पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें हराने के लिए राज्य बीजेपी के ही कुछ नेताओं ने साजिश रची थी। उनका मानना था कि इन नेताओं ने अंदरखाते निर्दलीय उम्मीदवार पवन सिंह को समर्थन देकर उन्हें चुनाव हरवाया था। इसके अतिरिक्त, सिंह ने सार्वजनिक रूप से बिहार में शराबबंदी खत्म करने की वकालत की थी, जो राज्य सरकार की नीति के खिलाफ था। यही नहीं, वह 30 मई को रोहतास में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से भी दूर रहे थे, जिसे पार्टी ने गंभीरता से लिया।
बीजेपी नेताओं के एक धड़े का मानना है कि आरके सिंह की जो भी राजनीतिक ताकत थी, वह बीजेपी के संगठन के कारण ही थी, और पार्टी लाइन से अलग जाकर बयानबाजी करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

