जगदलपुर, 15 नवम्बर (आरएनएस)। ये जनजातीय कल्चर है जनाब! गोरे लोग यानि विदेशी भी इसे सलाम करते हैं। हम यह बात यूं ही नहीं कह रहे हैं। यह तस्वीर इस सच्चाई को खुद बयां कर रही है। बस्तर भ्रमण पर आई एक विदेशी महिला सैलानी बस्तर की संस्कृति की इस कर दीवानी हो गई कि वह जनजाति गौरव दिवस पर जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर की परंपरागत पोशाक पहन कर और हाथों में कुहकी वाद्य यंत्र लेकर पहुंच गई। यह तस्वीर बताती है कि मेरा बस्तर महान है।
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