जौनपुर,15 नवंबर (आरएनएस)। एक ओर जहां मुख्यमंत्री युवा ऋण को जिला प्रशासन बढ़ावा देने का हर संभव प्रयास कर लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है वहीं बैकों की हिटलरशाही के नमूने आये दिन प्रकाश में आ रहें है। एक बारे में एक शिकायती प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को देकर बैक पर गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायती पत्र में जिले के अमित कुमार निवासी चकपाण्डेपुर बरामनपुर ने बताया कि मैने मुख्यमंत्री युवा ऋण के लिए पेजाब नेशन बैक की शाखा प्रयागराज रोड पर आवेदन किया। मेरा ऋण स्वीकृत हो गया लेकिन मेरे खाते में पैसा नहीं आया और ऋण का खाता भी बन्द हो गया। मेरा सब्सिडी भी आ गया लेकिन बैक वालों ने कहा कि मेरा सीवी चेक करने पर दूसरे का नाम किसी और का भी पैन नम्बर दिख रहा है। मेरे नाम या मेरे पैन पर इस समय कोई ऋण नहीें है और मेरा सिबिल भी सही है। दूसरा पैन जो सीवी चेक करने पर दिया जा रहा है वह मेरा नहीं है। उसका नाम और पता भी दूसरा है। इस बारे में जिलाधिकारी से दो बार मिलकर ऋण दिलवाने का निवेदन किया गया। तो एक सप्ताह में काम होने का आस्वासन दिया गया था लेकिन कई महीने हो गये लेकिन उसे ऋण नहीें मिल पाया अब हालत यह हो गया है कि वह बैक का चक्कर लगाते लगाते थक गया है लेकिन लेकिन बैक मैनजर ऋण देने को तैयार नहीं है। जिसका उसका भविष्य और जीवन खराब हो रहा है. पीडि़त ने बताया कि अब कही अन्यत्र से भी वह ऋण नहीं ले सकता। जब दूसरे बैंक जाते हैं तो वहाँ मेरे नाम से पंजाब नैशनल बैंक मे 5 लाख का लोन दिखाता है जिससे दूसरा बैंक लोन नहीं देता है. पीडि़त ने जिलाधिकारी से निवेदन है कि बैक को निर्देशित किया जाय कि उसके खाते को सही कर उसे ऋण दिलाया जाय अथवा उसके नाम से लोन खत्म कर दिया जाय ताकि दूसरी बैंक से लोन ले सके. पूरा प्रकरण की जांच कराकर दोषी बैक अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाय. जिससे किसी अन्य बेराजगार को परेशान न होना पड़े।
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