जौनपुर,15 नवंबर (आरएनएस)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग एवं वेलनेस केंद्र द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय ‘मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता (पीएफए) प्रशिक्षणÓ कार्यशाला का समापन संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में हुआ। कार्यशाला में विद्यार्थियों को ‘देखो, सुनो, जोड़ोÓ के मूल सिद्धांतों पर आधारित मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। मुख्य अतिथि उमानाथ सिंह मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. विनोद वर्मा ने कहा कि युवाओं के मजबूत मन से मजबूत राष्ट्र का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए जागरूक होना होगा। नियमित दिनचर्या, व्यायाम और अनुशासित जीवन इसके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम अपने और अपने परिवार जनों के मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं का जितना जल्दी पहचान करेंगे उतना ही जल्दी उसका निराकरण कर पाएंगे।अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष तथा कार्यशाला के संयोजक प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल शैक्षणिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक रूप से भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध रहा। मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता से हम किसी व्यक्ति को सही समय पर नई राह दिखा सकते हैं।आयोजन सचिव एवं वेलनेस केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नु त्यागी ने प्रशिक्षण की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के दौरान विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जो सूचनाएं एकत्रित की गई हैं उसकी रिपोर्ट विद्यार्थी व्यक्तिगत रूप ले सकते है। र्यशाला में छात्रों, शोधार्थियों, अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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