लखनऊ 16 नवंबर (आरएनएस ) में आज वीरांगना ऊदा देवी पासी के बलिदान दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा का अनावरण किया, परिजनों का सम्मान किया और स्वाभिमान समारोह का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में हजारों नागरिक, सामाजिक प्रतिनिधि और पासी समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऊदा देवी ने जिस साहस और पराक्रम से अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह राष्ट्रप्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब लखनऊ के पास अंग्रेजों से संघर्ष के दौरान उनके पति मक्का पासी शहीद हुए, तब उन्होंने हिम्मत नहीं हारी बल्कि बदला लेने का संकल्प किया और सिकंदर बाग में पीपल के पेड़ पर चढ़कर अंग्रेज सैनिकों का सामना किया। उन्होंने कहा कि ऊदा देवी का साहस भारत की हर बेटी के लिए प्रेरणा है और उनका इतिहास भावी पीढिय़ों को राष्ट्रभक्ति का संदेश देता रहेगा।रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पासी समाज के नायकों और वीरांगनाओं के योगदान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराजा बिजली पासी, सातन पासी, लाखन पासी, महाराजा सुहेलदेव, वीरांगना झलकारी बाई, अवंतीबाई जैसे नायकों के इतिहास को नए सिरे से सामने लाना आवश्यक है, ताकि देश की जनता इस भूले-बिसरे गौरव से अवगत हो सके।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी का बलिदान दिवस राष्ट्र और युवा पीढ़ी को देशभक्ति से जोडऩे का अवसर है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार नारी शक्ति के सम्मान और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। ऊदा देवी का बलिदान बताता है कि अन्याय कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका प्रतिरोध उससे भी बड़ा होना चाहिए। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उत्तर प्रदेश की केंद्रीय भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि मंगल पांडे, धन सिंह कोतवाल, महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, बेगम हजरत महल और ऊदा देवी जैसे वीरों और वीरांगनाओं ने स्वतंत्रता संघर्ष को नई दिशा दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में विरासत संरक्षण के बड़े कार्य किए जा रहे हैं। इसमें काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर, और लखनऊ में महाराजा बिजली पासी किले का सुंदरीकरण प्रमुख है। उन्होंने बताया कि पासी समाज के महान नायकों के इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अतिरिक्त पुस्तक उपलब्ध कराई गई है, जो विद्यार्थियों को स्थानीय और क्षेत्रीय महापुरुषों के योगदान से परिचित कराएगी।योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 1857 की तीन महान वीरांगनाओं—ऊदा देवी, झलकारी बाई और अवंतीबाई—के नाम पर तीन नई क्क्रष्ट महिला बटालियनों का गठन किया गया है। लखनऊ की बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर रखा गया है और यहां उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। बदायूं और गोरखपुर की बटालियनों का नामक्रम भी इन्हीं वीरांगनाओं के नाम पर किया गया है।उन्होंने अनुसूचित जाति, वंचित वर्ग और श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 109 सर्वोदयी विद्यालय, 18 अटल आवासीय विद्यालय, अनुसूचित जाति के 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग जैसी योजनाएं सामाजिक न्याय की दिशा में मील का पत्थर हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों में 2 लाख 19 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है, जिनमें 20 प्रतिशत बालिकाएं शामिल हैं।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, विधान परिषद सदस्य और कार्यक्रम संयोजक रामचंद्र प्रधान सहित सांसद अशोक रावत, विधायक राजेश्वर सिंह, योगेश शुक्ला, जय देवी और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में देशभक्ति के गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और शहीद परिवारों का सम्मान भी शामिल रहा, जिसने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
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