लंबे समय से कलवारी पुलिस को थी इनामी की तलाश
जघन्य अपराध कर फरार चल रहा था आरोपित
संयुक्त टीम ने तकनीक की मदद से उसे दबोचा
सिद्धार्थनगर जिले का रहने वाला है इनामी बदमाश
बस्ती 19 नवंबर (आरएनएस ) जघन्य दुराचार के मामले में फरार चल रहे और 25,000 के इनामी अपराधी को पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के बृह्मन जिले से गिरफ्तार कर लिया है। सिद्धार्थनगर जनपद का रहने वाला आरोपित पिछले कई महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। फरारी और गिरफ्तारी का के घटनाक्रम के म़ताबिक कलवारी क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुराचार की घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उस पर 25,000 का इनाम घोषित किया था। घटना के तुरंत बाद, आरोपित ने अपना घर छोड़ दिया और पहचान छिपाने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग बंद कर दिया था। वह लगातार देश के विभिन्न राज्यों में छिपता फिर रहा था। इनामिया अपराधी शफीकुर्रहमान पुत्र सुलेमान निवासी झकहिया, थाना कठेला समयमाता, सिद्धार्थनगर की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए कलवारी पुलिस व सर्विलांस की टीम का गठन किया, जिसमें साइबर और सर्विलांस विशेषज्ञों को शामिल किया गया। अथक प्रयासों और तकनीकी निगरानी के आधार पर, पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी मुंबई के बृह्मन जिले के मानखुर्द रेलवे स्टेशन के पास एक कबाड़ की दुकान पर पहचान बदलकर रह रहा है। स्थानीय पुलिस की मदद से ज्वाइंट टीम ने छापेमारी कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी ने बताया कि यह अपराधी समाज के लिए एक गंभीर खतरा था। हमारी टीम ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का तालमेल बिठाकर इसे पकडऩे में सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि अपराधी कितना भी दूर भाग जाए, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। बताया कि शफीकुर्रहमान को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर जनपद में लाया गया, इसके बाद स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। जहां से 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपित के अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच-पड़ताी की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम:
इनामिया शफीकुर्रहमान को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कलवारी गजेन्द्र प्रताप सिंह, एसआइ शेषनाथ यादव, रामकेश यादव, मुख्य आरक्षी सत्येन्द्र सिंह, देशदीपक सिंह, आरक्षी देवेन्द्र निषाद शामिल रहे।
मानक की धज्जी उड़ाते मिले 449 स्थानों पर लाउडस्पीकर, 242 पर कार्रवाई
अवैध लाउडस्पीकरों पर बड़ी कार्रवाई, 242 उतरवाए गए
गायघाट स्थित मस्जिद के मौलाना पर दर्ज है एफआइआर
बस्ती: पुलिस ने अवैध रूप से स्थापित और ध्वनि मानकों का उल्लंघन कर रहे लाउडस्पीकरों के खिलाफ एक व्यापक और सख्त अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत, धार्मिक स्थलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकरों) की सघन जांच की गई। जांच के दौरान, 449 स्थानों पर लगे लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इनमें से 242 लाउडस्पीकरों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। गायघाट के मस्जिद के मौलवी पर केस भी दर्ज किया गया है। शेष 207 स्थानों पर, लाउडस्पीकर धारकों को सख्ती से निर्देशित किया गया कि वे ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ध्वनि सीमा को मानक के अनुरूप रखें। हालांकि अभी भी चेतावनी के बाद जेल चौकी पुलिस क्षेत्र के धार्मिक स्थल पर तेज में आवाज में बज रहे लाउडस्पीकर नहीं उतरवा पाई है। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी लाउडस्पीकर धारकों को सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करना अनिवार्य है।
मानक मुताबिक कराए गए 207 ध्वनि विस्तारक यंत्र
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान, 449 स्थानों पर लगे लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इनमें से 242 लाउडस्पीकरों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। शेष 207 स्थानों पर, लाउडस्पीकर धारकों को सख्ती से निर्देशित किया गया कि वे ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ध्वनि सीमा को मानक के अनुरूप रखें। इन स्थानों पर लाउडस्पीकरों को इस प्रकार समायोजित किया गया है कि उनकी ध्वनि परिसर के बाहर न जाए और वे केवल आंतरिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग हों।
हमारा उद्देश्य किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि कानून का पालन सुनिश्चित करना है। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, और मानक का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में भी पुलिस टीम द्वारा मानक के अनुरूप किए गए स्थानों की पुन: जाच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियमों का पालन स्थायी रूप से हो रहा है। इसके साथ ही, सार्वजनिक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि लोग स्वयं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें।
:अभिनन्दन, पुलिस अधीक्षक, बस्ती
मुख्य बिंदु व कार्रवाई का विवरण
जनपद में लगे कुल लाउडस्पीकर की संख्या : 598
मानक विहीन मिले: 449
उतरवाए गए लाउडस्पीकर: 242
चेतावनी दी गई: 207
मुकदमा दर्ज : एक
रात 10 बजे के बाद मैरिज हाल में डीजे बजाना पड़ेगा भारी
डीजे संचालक व हाल पर भी होगी सख्त कार्रवाई
मैरिज हाल संचालकों को जारी हुई अंतिम चेतावनी
बस्ती:(आरएनएस ) ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों को शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से, पुलिस प्रशासन ने देर रात मैरिज हाल या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डीजे बजाने वाले आयोजकों और संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। यह कदम रात 10 बजे के बाद ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करने की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर उठाया गया है, जो कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों पर आधारित है। पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने सभी मैरिज हाल, बैंक्वेट हाल और सामुदायिक भवन के संचालकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में रात 10 बजे के बाद डीजे या किसी भी प्रकार का उच्च-ध्वनि वाला म्यूजिक सिस्टम न बजाया जाए। नियम का उल्लंघन करते पाए जाने पर, न केवल कार्यक्रम के आयोजक बल्कि मैरिज हाल के संचालक को भी सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। मानक का उल्लंघन पाए जाने पर डीजे उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे। बार-बार उल्लंघन करने पर मैरिज हाल स्वामी पर केस दर्ज कर उसके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मालूम हो कि शादी-विवाह की सीजन शुरु होते ही पिछले कुछ हफ्तों में, विभिन्न रिहायशी इलाकों से देर रात तक डीजे की तेज आवाज के कारण बुजुर्गों, छात्रों और बीमार व्यक्तियों को हो रही असुविधा की कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। इसके लिए सीओ सिटी को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों और संबंधित बीट अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मैरिज हालों की निगरानी बढ़ा दें और रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के ध्वनि प्रदूषण की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें। एसपी ने जिले के निवासियों और मैरिज हाल संचालकों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और दूसरों की शांति भंग न करें। खुशी के मौके पर उत्सव मनाना सबका अधिकार है, लेकिन यह किसी और की शांति और स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं होना चाहिए। रात 10 बजे के बाद ध्वनि प्रदूषण का कोई भी मामला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में जीरो टालरेंस नीति अपनाई जाएगी। नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

