हरिद्वार,19 नवंबर (आरएनएस)। गंगा के तेज कटाव ने श्यामपुर स्थित नमामि गंगे स्नान और श्मशान घाट की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बीते मानसून में बढ़े जलस्तर और धार के दबाव से घाट की सीमेंट-पत्थर पिचिंग बह चुकी है। घाट का बड़ा हिस्सा अब कटान के बिल्कुल करीब पहुंच गया है, जिससे किसी भी पल इसका हिस्सा ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी उदयभान सिंह ने कहा कि घाट की उत्तर दिशा में मिट्टी तेज रफ्तार से बह रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो श्रद्धालुओं का घाट पर आना-जाना तक असुरक्षित हो सकता है। वरिष्ठ निवासी नरेश चौहान का कहना है कि यह श्मशान घाट केवल स्थानीय ग्रामीणों के अंतिम संस्कार के लिए ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती उत्तर प्रदेश से भी लोग यहां दाह संस्कार के लिए आते हैं। पिछले स्नान पर्वों में यातायात दबाव के कारण हजारों श्रद्धालुओं ने इसी घाट पर स्नान कर पुण्य अर्जित किया था। आने वाले कुंभ मेले में भी यह घाट भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने वाला है। राकेश चौहान, चंद्रशेखर, विजय चौहान और भारत सिंह समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से घाट की तत्कालिक मरम्मत, नई पिचिंग, सुरक्षात्मक दीवारें और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से नमामि गंगे परियोजना के तहत बना यह घाट लापरवाही के चलते भारी नुकसान की कगार पर है और समय रहते कदम न उठाए गए तो स्थिति भयावह हो सकती है।
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