लखनऊ,22 नवंबर (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा लक्ष्य तय करते हुए ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिया है कि एक करोड़ ‘लखपति दीदीÓ तैयार करने की ठोस योजना जल्द बनाई जाए। शुक्रवार देर शाम 7-कालिदास मार्ग स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए क्रांतिकारी कदम उठाने होंगे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो स्वयं सहायता समूह खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ा उत्पादन कर रहे हैं, उनकी जिलावार सूची तैयार की जाए और उन्हें खाद्य प्रसंस्करण विभाग से जोड़कर नियमानुसार सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए। अब तक 8,000 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत लाभान्वित किया जा चुका है। उपमुख्यमंत्री ने नए समूहों का गठन युद्धस्तर पर कराने, निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने और जिन समूहों को अभी तक रिवॉल्विंग फंड नहीं मिला है, उन्हें 31 दिसंबर से पहले हर हाल में उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि मानव दिवस सृजन, मनरेगा मजदूरों को समय से भुगतान और अमृत सरोवरों के निर्माण में उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला मिशन प्रबंधक (ष्ठरूरू) और ब्लॉक मिशन प्रबंधक (क्चरूरू) की कार्यशाला आयोजित की जाए तथा समूह गठन और संचालन से जुड़े स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि लक्ष्य हासिल न करने वाले अधिकारियों का मानदेय रोका जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और खाद्य प्रसंस्करण विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए दोनों विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। इसी प्रकार स्ढ्ढक्रष्ठ और स्क्ररुरू को भी संयुक्त रूप से कार्य करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने “मेगा सखी दिवस” आयोजित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी विकासखंडों के आवासीय और अनावासीय भवनों के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा। ग्राम चौपालों को ग्रामीण समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जहां वे ग्राम चौपाल करेंगे, वहां से राज्य की सभी चौपालों को जोड़कर लाइव प्रसारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को और अधिक सक्रिय करने तथा सभी प्लेटफॉर्मों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की भी हिदायत दी गई।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के सर्वे में 58 लाख से अधिक पात्र लोग पहचान में आए हैं, जिनका सत्यापन पूरा हो चुका है और आवासों की मांग भारत सरकार को भेजी जा चुकी है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि क्करू आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के लाभार्थियों को पीएम सूर्य घर योजना से भी लाभ दिलाने का प्रयास किया जाए। साथ ही जिन लाभार्थियों को राजस्व विभाग द्वारा भूमि उपलब्ध कराई जा रही है, उन्हें भी दोनों आवास योजनाओं से जोडऩे के लिए संयुक्त बैठक कर निर्णय लिया जाए।राज्य ने इस वर्ष 16.76 करोड़ मानव दिवस सृजित किए हैं, जो पूरे देश में सर्वाधिक हैं। मनरेगा मजदूरों को 97 प्रतिशत समय पर भुगतान कर उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे है। 22.48 लाख महिला श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। स्वयं सहायता समूहों से चुनी गई 31,204 महिला मेट को मनरेगा में जिम्मेदारी दी गई है और उन्हें 101.4 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा 19,110 अमृत सरोवर बनाकर उत्तर प्रदेश देश में अव्वल है। उपमुख्यमंत्री ने अमृत सरोवरों के रखरखाव की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में स्ढ्ढक्रष्ठ के महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, विशेष सचिव जयनाथ यादव, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक इशम सिंह, अपर आयुक्त मनरेगा अमनदीप डुली, संयुक्त मिशन निदेशक जन्मेजय शुक्ला, उपायुक्त चंद्रशेखर, सहायक आयुक्त विनायक सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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