देहरादून,22 नवंबर (आरएनएस)। फिल्म निर्माण के लिए उत्तराखंड अब केवल एक लोकेशन-स्टेट नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा प्रोडक्शन फ्रेंडली प्रदेश बनता जा रहा है। उत्तराखंड के हालिया प्रयोगों से फिल्म निर्माण सेक्टर काफी प्रोत्साहित हुआ है। शनिवार को गोवा में अंतराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2025 में उत्तराखंड पर केंद्रित सत्र में यह बात उभर कर आई। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के जेसीईओ व नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने मुख्य वक्ता के रूप में राज्य की फिल्म नीति-2024 की विस्तार से जानकारी दी। कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लागू की गई राज्य की नई फिल्म नीति के परिणाम सामने आने लगे है। फिल्म परिषद द्वारा सिंगल विंडो ऑनलाइन शूटिंग परमिशन सिस्टम, सब्सिडी संरचना और स्थानीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, 0 शूटिंग प्रक्रियाओं का सरल, तेज और पारदर्शी होना निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। राज्य सरकार अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर भी संवेदनशील है और उनके लिए भी हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है। निर्देशक यशस्वी जुयाल ने कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बेहतरीन लोकेशन और फिल्म-फ्रेंडली वातावरण के कारण आज देश दुनिया के सिनेमा में उभरता हुआ महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। अभिनेता प्रियांशु पैन्यूली, बीबीएफपी के सीईओ अरफी लांबा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन कंपनियाँ भारत के रिबेट सिस्टम और विविध लोकेशन्स की वजह से यहां तेजी से आ रही हैं, और इस दिशा में उत्तराखंड एक अत्यंत आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है। सत्र के समापन पर डॉ.उपाध्याय ने अतिथियों को राज्य की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए।
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